गाजियाबाद: रावण पुतला बनाते समय विस्फोट, दो दीवारें गिरीं; 5 घायल GTB अस्पताल रेफर
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र में 5 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 9:26 बजे शनि चौक स्थित रामलीला मैदान के पास सामुदायिक केंद्र के एक बड़े हॉल में विस्फोट और आग लगने से पाँच लोग घायल हो गए। फायर विभाग के अनुसार, हादसे की जड़ में रामलीला कार्यक्रम के लिए रावण का पुतला तैयार करते समय आतिशबाजी या किसी विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल होना प्रतीत होता है।
घटनाक्रम: कैसे मची अफरातफरी
फायर स्टेशन साहिबाबाद के कंट्रोल रूम को सुबह 9:26 बजे सूचना मिली कि रामलीला मैदान, शनि चौक स्थित पटाखों की दुकान में आग लग गई है। प्रारंभिक सूचना के आधार पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजियाबाद, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी साहिबाबाद और फायर स्टेशन साहिबाबाद से तीन फायर टेंडर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
घटनास्थल पर पहुँचने के बाद दमकल टीम ने पाया कि आग किसी पटाखे की दुकान में नहीं, बल्कि रामलीला मैदान के पीछे स्थित सामुदायिक केंद्र भवन के बड़े हॉल में लगी थी। टीम ने तत्काल अग्निशमन वाहनों से पंपिंग शुरू कर कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
विस्फोट का संभावित कारण
फायर विभाग ने आग बुझाने के बाद हॉल का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि उस हॉल में रामलीला कार्यक्रम के लिए रावण का पुतला तैयार करने का काम चल रहा था। विभाग के अनुसार, प्रथम दृष्टया आशंका है कि पुतला बनाने के दौरान आतिशबाजी अथवा अन्य विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल से विस्फोट हुआ, जिसके कारण हॉल में आग फैल गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि भवन की दो दीवारें भी गिर गईं।
घायलों की स्थिति
हादसे में कुल पाँच लोग घायल हुए। इनमें से दो की पहचान ऋषभ और हरेंद्र के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य घायलों के नाम अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। सभी घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ से बेहतर इलाज के लिए उन्हें GTB अस्पताल रेफर किया गया। फायर यूनिट ने अस्पताल पहुँचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया।
जाँच जारी
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और घटनास्थल को शांत कर दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में दशहरे की तैयारियाँ जोरशोर से चल रही हैं और रामलीला समितियाँ पुतला-निर्माण में व्यस्त हैं। गौरतलब है कि पुतला निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी कोई नई बात नहीं है — विशेषज्ञ बार-बार ऐसी सामग्री के असुरक्षित भंडारण और इस्तेमाल पर चिंता जताते रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट और आग लगने के वास्तविक कारणों की जाँच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुतला तैयार करते समय किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया जा रहा था और सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं। जाँच के निष्कर्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।