5 अक्टूबर 2026
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गाजियाबाद: रावण पुतला बनाते समय विस्फोट, दो दीवारें गिरीं; 5 घायल GTB अस्पताल रेफर

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गाजियाबाद: रावण पुतला बनाते समय विस्फोट, दो दीवारें गिरीं; 5 घायल GTB अस्पताल रेफर

सारांश

दशहरे की तैयारी के बीच गाजियाबाद में एक बड़ा हादसा — रावण का पुतला बनाते समय सामुदायिक केंद्र में विस्फोट, दो दीवारें जमींदोज, पाँच घायल। यह घटना पुतला निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

5 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित रामलीला मैदान के सामुदायिक केंद्र में विस्फोट और आग लगी।
हादसे में पाँच लोग घायल , जिनमें ऋषभ और हरेंद्र की पहचान हुई; सभी GTB अस्पताल रेफर।
फायर विभाग के अनुसार, रावण का पुतला बनाते समय आतिशबाजी या विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल से विस्फोट की प्रथम दृष्टया आशंका।
विस्फोट से भवन की दो दीवारें गिर गईं।
फायर स्टेशन साहिबाबाद से तीन फायर टेंडर भेजे गए; सुबह 9:26 बजे सूचना मिली।
विस्फोट और आग के वास्तविक कारणों की जाँच जारी ।

गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र में 5 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 9:26 बजे शनि चौक स्थित रामलीला मैदान के पास सामुदायिक केंद्र के एक बड़े हॉल में विस्फोट और आग लगने से पाँच लोग घायल हो गए। फायर विभाग के अनुसार, हादसे की जड़ में रामलीला कार्यक्रम के लिए रावण का पुतला तैयार करते समय आतिशबाजी या किसी विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल होना प्रतीत होता है।

घटनाक्रम: कैसे मची अफरातफरी

फायर स्टेशन साहिबाबाद के कंट्रोल रूम को सुबह 9:26 बजे सूचना मिली कि रामलीला मैदान, शनि चौक स्थित पटाखों की दुकान में आग लग गई है। प्रारंभिक सूचना के आधार पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजियाबाद, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी साहिबाबाद और फायर स्टेशन साहिबाबाद से तीन फायर टेंडर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए।

घटनास्थल पर पहुँचने के बाद दमकल टीम ने पाया कि आग किसी पटाखे की दुकान में नहीं, बल्कि रामलीला मैदान के पीछे स्थित सामुदायिक केंद्र भवन के बड़े हॉल में लगी थी। टीम ने तत्काल अग्निशमन वाहनों से पंपिंग शुरू कर कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।

विस्फोट का संभावित कारण

फायर विभाग ने आग बुझाने के बाद हॉल का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि उस हॉल में रामलीला कार्यक्रम के लिए रावण का पुतला तैयार करने का काम चल रहा था। विभाग के अनुसार, प्रथम दृष्टया आशंका है कि पुतला बनाने के दौरान आतिशबाजी अथवा अन्य विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल से विस्फोट हुआ, जिसके कारण हॉल में आग फैल गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि भवन की दो दीवारें भी गिर गईं।

घायलों की स्थिति

हादसे में कुल पाँच लोग घायल हुए। इनमें से दो की पहचान ऋषभ और हरेंद्र के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य घायलों के नाम अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। सभी घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ से बेहतर इलाज के लिए उन्हें GTB अस्पताल रेफर किया गया। फायर यूनिट ने अस्पताल पहुँचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया।

जाँच जारी

फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और घटनास्थल को शांत कर दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में दशहरे की तैयारियाँ जोरशोर से चल रही हैं और रामलीला समितियाँ पुतला-निर्माण में व्यस्त हैं। गौरतलब है कि पुतला निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी कोई नई बात नहीं है — विशेषज्ञ बार-बार ऐसी सामग्री के असुरक्षित भंडारण और इस्तेमाल पर चिंता जताते रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट और आग लगने के वास्तविक कारणों की जाँच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुतला तैयार करते समय किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया जा रहा था और सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं। जाँच के निष्कर्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन लचर बना रहता है। सवाल यह है कि बंद सामुदायिक हॉल के भीतर आतिशबाजी सामग्री के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी और क्या स्थानीय प्रशासन ने कोई पूर्व-निरीक्षण किया था। जब तक जाँच के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं होते और जिम्मेदारी तय नहीं की जाती, ऐसे हादसे हर त्योहारी मौसम में दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद के रामलीला मैदान में विस्फोट कैसे हुआ?
फायर विभाग के अनुसार, प्रथम दृष्टया आशंका है कि सामुदायिक केंद्र के हॉल में रावण का पुतला तैयार करते समय आतिशबाजी या किसी विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल से विस्फोट हुआ, जिसके बाद हॉल में आग फैल गई। विस्फोट के वास्तविक कारणों की जाँच जारी है।
हादसे में कितने लोग घायल हुए और उनकी स्थिति क्या है?
हादसे में कुल पाँच लोग घायल हुए, जिनमें ऋषभ और हरेंद्र की पहचान हुई है। सभी घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए GTB अस्पताल रेफर किया गया है।
क्या विस्फोट से इमारत को नुकसान हुआ?
हाँ, विस्फोट इतना जोरदार था कि सामुदायिक केंद्र भवन की दो दीवारें गिर गईं। दमकल टीम ने आग बुझाने के बाद हॉल का विस्तृत निरीक्षण किया।
दमकल विभाग को घटना की सूचना कब मिली और क्या कार्रवाई हुई?
5 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:26 बजे फायर स्टेशन साहिबाबाद के कंट्रोल रूम को सूचना मिली। इसके बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजियाबाद, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी साहिबाबाद और साहिबाबाद फायर स्टेशन से तीन फायर टेंडर तत्काल घटनास्थल रवाना हुए और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया।
क्या दशहरा उत्सव पर इस हादसे का असर पड़ेगा?
फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि पुतला बनाने में किस सामग्री का इस्तेमाल हुआ और सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं। जाँच के नतीजों के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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