गिरिडीह में तौफीक अंसारी की धारदार हथियार से हत्या, मरते वक्त लिए आरोपियों के नाम

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गिरिडीह में तौफीक अंसारी की धारदार हथियार से हत्या, मरते वक्त लिए आरोपियों के नाम

सारांश

गिरिडीह में सोमवार देर रात साजिश के तहत बुलाकर 24 वर्षीय तौफीक अंसारी की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई। मरते वक्त उसने चार आरोपियों के नाम लिए, जिसे परिजनों ने मोबाइल में रिकॉर्ड करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले को आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई बताया है।

Key Takeaways

  • गिरिडीह के पचम्बा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात 24 वर्षीय तौफीक अंसारी की धारदार हथियार से हत्या।
  • मृतक को चदरा पुल के समीप साजिश के तहत बुलाया गया था; हमलावरों में आसिफ अली और 4-5 साथी शामिल बताए जा रहे हैं।
  • तौफीक ने अंतिम साँसों में साकिब, अरशद, मोनू पठान और आसिफ अली को ज़िम्मेदार बताया; परिजनों ने वीडियो रिकॉर्ड करने का दावा किया।
  • पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा; नाले से मृतक का मोबाइल फोन बरामद।
  • पुलिस की विशेष टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं।

झारखंड के गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात 24 वर्षीय तौफीक अंसारी की धारदार हथियारों से नृशंस हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, मृतक हाल ही में एक आपराधिक मामले में जेल की सज़ा काटकर बाहर आया था। प्रारंभिक जाँच में यह मामला आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का बताया जा रहा है।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

मृतक के मित्र अखलाक के बयान के अनुसार, रात लगभग 12 बजे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अम्बाटांड़ निवासी आसिफ अली का फोन तौफीक के पास आया। इसके बाद तौफीक अपने तीन दोस्तों के साथ आज़ाद नगर, चदरा पुल के समीप पहुँचा। चश्मदीदों के मुताबिक, वहाँ पहले से ही आसिफ अली अपने चार-पाँच साथियों के साथ घात लगाए खड़ा था।

पुलिस के अनुसार, वहाँ पहुँचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब तौफीक ने विरोध किया तो हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए भाग रहे तौफीक को आरोपियों ने दौड़ाकर पकड़ा, ज़मीन पर पटका और ताबड़तोड़ प्रहार किए। शोर सुनकर जब परिजन मौके पर पहुँचे, तब तक तौफीक लहूलुहान अवस्था में तड़प रहा था।

मरते वक्त लिए आरोपियों के नाम, वीडियो का दावा

परिजनों का कहना है कि तौफीक ने अपनी अंतिम साँसों में साकिब, अरशद, मोनू पठान और आसिफ अली का नाम लेते हुए उन्हें अपनी मौत का ज़िम्मेदार बताया। परिजनों का दावा है कि यह बयान उन्होंने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया है, हालाँकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

पुलिस की कार्रवाई

वारदात की सूचना मिलते ही पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार मौके पर पहुँचे। उन्होंने शव को अपने कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पास के एक नाले से मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया। थाना प्रभारी के अनुसार, प्राथमिक जाँच में यह मामला आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीत हो रहा है।

मृतक की आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि तौफीक अंसारी स्वयं भी आपराधिक पृष्ठभूमि का था और पूर्व में एक मामले में जेल की सज़ा काट चुका था। गौरतलब है कि जेल से रिहाई के कुछ ही समय बाद उसकी इस तरह हत्या होना पुलिस की जाँच का केंद्रबिंदु बना हुआ है।

आगे क्या

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह मामला गिरिडीह जिले में आपराधिक गुटों के बीच बढ़ते वर्चस्व संघर्ष की ओर भी इशारा करता है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Point of View

तो यह जाँच के लिए अहम साक्ष्य बन सकता है। पुलिस का 'आपसी रंजिश' का बयान सतही जाँच का संकेत न बने — ज़रूरत है कि आरोपियों के नेटवर्क और उनके आपराधिक इतिहास की गहन पड़ताल हो। गिरिडीह जैसे जिलों में इस तरह की घटनाएँ बार-बार होती हैं, लेकिन जवाबदेही तंत्र शायद ही कभी उतनी तेज़ी दिखाता है जितनी इस मामले में ज़रूरत है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

गिरिडीह में तौफीक अंसारी की हत्या कैसे हुई?
सोमवार देर रात तौफीक अंसारी को साजिश के तहत फोन पर चदरा पुल के समीप बुलाया गया, जहाँ आसिफ अली और उसके चार-पाँच साथियों ने धारदार हथियारों से हमला किया। जान बचाने के लिए भागते तौफीक को दौड़ाकर पकड़ा गया और ताबड़तोड़ प्रहार किए गए।
तौफीक अंसारी ने मरते वक्त किन लोगों का नाम लिया?
परिजनों के अनुसार, तौफीक ने अपनी अंतिम साँसों में साकिब, अरशद, मोनू पठान और आसिफ अली का नाम लेते हुए उन्हें अपनी मौत का ज़िम्मेदार बताया। परिजनों का दावा है कि यह बयान मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया गया है।
पुलिस ने इस हत्याकांड में क्या कार्रवाई की है?
पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और नाले से मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
तौफीक अंसारी की आपराधिक पृष्ठभूमि क्या थी?
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, तौफीक अंसारी स्वयं भी आपराधिक पृष्ठभूमि का था और पूर्व में एक मामले में जेल की सज़ा काट चुका था। हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद उसकी हत्या को पुलिस आपसी रंजिश से जोड़कर देख रही है।
यह हत्या किस थाना क्षेत्र में हुई और मुख्य संदिग्ध कौन है?
यह हत्या झारखंड के गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में हुई। मुख्य संदिग्ध के रूप में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अम्बाटांड़ निवासी आसिफ अली का नाम सामने आया है, जिसने कथित तौर पर तौफीक को फोन पर बुलाया था।
Nation Press