क्या पहले मजदूरों का पैसा लूटा जाता था, आज सीधे अकाउंट में आती है रकम: गिरिराज सिंह?

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क्या पहले मजदूरों का पैसा लूटा जाता था, आज सीधे अकाउंट में आती है रकम: गिरिराज सिंह?

सारांश

गिरिराज सिंह ने मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन पर विपक्ष के सवालों का उत्तर दिया। उन्होंने बताया कि अब मजदूरों को उनके पैसे सीधे मिलते हैं, पहले ऐसा नहीं था। जानें इस विषय पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

मनरेगा योजना का बजट बढ़ा है।
मजदूरों को अब उनका पैसा सीधे मिलता है।
नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र देने में उचित प्रक्रिया अपनाई।
राजनीतिक संवाद में गंभीरता की आवश्यकता है।
सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति तक लाभ पहुंचाना है।

पटना, 18 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को केंद्र सरकार की ओर से ‘मनरेगा’ योजना के नाम परिवर्तन को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का उत्तर दिया।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जो लोग मनरेगा योजना के नाम बदलने पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि पहले इसका बजट केवल 33 हजार करोड़ रुपए था, जिसके कारण कुछ ही चुनिंदा व्यक्तियों को इसका लाभ मिल पाता था, लेकिन आज हमारी सरकार ने इसके बजट को बढ़ाकर बड़ी संख्या में श्रमिकों को लाभ पहुंचाया है। हमारी सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पंक्ति तक बैठे व्यक्तियों को लाभ पहुंचाना है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि पहले मजदूरों को मिलने वाला पैसा बीच में ही खा लिया जाता था, लेकिन आज हमारी सरकार यह सुनिश्चित करती है कि हर हाल में मजदूरों को उनका पैसा मिले। उनके हितों पर हमारी सरकार किसी प्रकार का कुठाराघात नहीं कर रही है। हमारी प्राथमिकता हमेशा से ही मजदूरों के कल्याण पर रही है। अब योजना का नाम जी राम जी ही रहेगा, इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिली धमकी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश ने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र देने से पहले यही सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि नियुक्ति पत्र सही व्यक्ति को मिल रहा है कि नहीं। यह कोई इस्लामिक देश है क्या? किसी भी व्यक्ति को कोई दस्तावेज या प्रमाण पत्र देने से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि वह सही व्यक्ति को मिले। यही काम नीतीश कुमार ने किया है।

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने जी राम जी योजना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले हमारे देश में दो प्रकार के समूह थे। एक वो जो आजादी का विरोध कर रहे थे और दूसरे वो जो आजादी का समर्थन कर रहे थे। आज की स्थिति यह है कि आजादी का विरोध करने वाले लोग सत्ता में आ गए हैं। ऐसे लोगों को यह समझना चाहिए कि जितनी भी नफरत वह महात्मा गांधी से करें, उन्हें कुछ भी प्राप्त नहीं होगा।

नीतीश कुमार की ओर से एक मुस्लिम महिला का पर्दा उठाने पर विवाद पर उन्होंने कहा कि यदि मान भी लें कि नीतीश कुमार को बढ़ती उम्र की वजह से मानसिक समस्याएं हो रही हैं, तो उनका व्यवहार उसी का नतीजा है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने जो कहा है, उसके बारे में क्या कहा जाएगा?

यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार खुद को रामराज्य सरकार बताती है, जबकि उनके मंत्री ऐसी अमर्यादित टिप्पणी करते हैं, जो सभ्य समाज में स्वीकार नहीं की जा सकती। ऐसा करके उत्तर प्रदेश सरकार अपना असली चेहरा उजागर कर रही है।

दिल्ली के प्रदूषण पर सपा सांसद ने कहा कि यह सरकार ही प्रदूषित है। ऐसे में आप ऐसी सरकार से प्रदूषण की समस्या का समाधान कैसे अपेक्षा कर सकते हैं? जब तक हमें इनके मानसिक और राजनीतिक प्रदूषण से मुक्ति नहीं मिलेगी, तब तक दिल्ली के प्रदूषण से राहत नहीं मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्ष इसे राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रहा है। इस विषय पर विस्तृत संवाद की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनरेगा योजना का नाम क्यों बदला गया?
गिरिराज सिंह ने कहा कि इसका नाम बदलने का उद्देश्य योजना को और अधिक प्रभावी बनाना है।
मजदूरों को मिलने वाले पैसे का क्या हुआ?
पहले मजदूरों का पैसा लूट लिया जाता था, लेकिन अब यह सीधे उनके खातों में भेजा जाता है।
नीतीश कुमार पर उठाए गए सवालों का क्या जवाब है?
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने सही काम किया और नियुक्ति पत्र सही व्यक्ति को देने का प्रयास किया।
राष्ट्र प्रेस