गोरखपुर में जमीन विवाद पर चचेरे भाई ने गोली मारी, 21 वर्षीय आदर्श पांडेय की मौत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र के करनपुरा गांव में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक हत्याकांड सामने आया, जहाँ कथित तौर पर खेत की जमीन को लेकर हुए विवाद में एक चचेरे भाई ने लाइसेंसी बंदूक से 21 वर्षीय आदर्श पांडेय की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की है।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
आदर्श पांडेय अपने पाही गांव मेथौली से करनपुरा खेत की जुताई कराने के सिलसिले में पहुँचे थे। पुलिस के अनुसार इसी दौरान उनका अपने चचेरे भाई राधेश्याम पांडेय से जमीन को लेकर तीखा विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राधेश्याम ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और आदर्श पर गोली चला दी। गोली लगते ही आदर्श ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से गांव में भय और अफरातफरी का माहौल बन गया।
मृतक का परिचय और परिवार की स्थिति
आदर्श पांडेय (21 वर्ष), करनपुरा गांव के मूल निवासी थे और घर पर रहकर खेती-किसानी का काम करते थे। वह तीन भाइयों में से एक थे — उनके दो भाई बाहर निजी कंपनियों में नौकरी करते हैं। आदर्श अविवाहित थे। उनकी असामयिक मृत्यु की सूचना से परिवार में गहरा शोक है और परिजनों की हालत अत्यंत दयनीय बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही हरपुर-बुदहट थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने आरोपी राधेश्याम पांडेय की तलाश में एक विशेष टीम गठित कर उसकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की गहन जाँच जारी है।
जमीन विवाद और पारिवारिक संघर्ष का बड़ा संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में जमीन-जायदाद के पारिवारिक विवादों में हिंसा की घटनाएँ चिंताजनक रूप से सामने आती रहती हैं। गौरतलब है कि लाइसेंसी हथियार का हत्या जैसे अपराध में इस्तेमाल, शस्त्र लाइसेंस सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है। महज कुछ गज जमीन के विवाद ने एक परिवार का एकमात्र घर पर काम करने वाला सदस्य छीन लिया।
करनपुरा और आसपास के गांवों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला पारिवारिक संपत्ति विवादों को समय रहते कानूनी रास्ते से सुलझाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
आरोपी राधेश्याम पांडेय की गिरफ्तारी और आगे की विधिक कार्यवाही पर इस मामले का भविष्य टिका है।