क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान पुनः स्थापित हुआ है?
सारांश
Key Takeaways
- भारत का अंतरराष्ट्रीय सम्मान पुनः स्थापित हुआ है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योगदान महत्वपूर्ण है।
- राजनीतिक बयानबाजी का असर चुनावों पर पड़ता है।
- गोविंदा ने राजनीति पर अपनी राय रखी है।
- स्थानीय निकाय चुनावों में धन की राजनीति पर सवाल उठाए गए हैं।
नागपुर, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के अभिनेता और शिवसेना नेता गोविंदा ने कहा कि पिछले चुनाव में हमें जीत मिली थी और इस बार भी हमें इसी तरह के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के संदर्भ में गोविंदा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि हर व्यक्ति अपनी परिस्थिति के अनुसार देश के सामने अपनी विचारधारा प्रस्तुत करता है। देश के लिए जरुरी और सामूहिक सहमति से जो भी आवश्यक है, उसे करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में जो भी महत्वपूर्ण चीजें थीं, उन पर कार्य हुआ है। साथ ही, पूरी दुनिया में भारत का सम्मान पुनः स्थापित हुआ है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा का महत्वपूर्ण योगदान है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मैं शुभकामनाएं देता हूँ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में गोविंदा ने कहा कि हम लोगों पर कृपा है कि हम ऐसे प्रधान पुरुष को देख पाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक बयानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता हूं। रोज बयानबाजी होती रहती है। मैं प्रार्थना करता हूं कि जो योग्य हैं, प्रभु उन पर कृपा प्रदान करें।
वहीं, महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं। इस पर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इस बीच, एनसीपी (शरद पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने गुरुवार को एनडीए नेताओं की 'पैसे पर आधारित' चुनावी रणनीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए के सहयोगी प्रदर्शन के बजाय फंड के वादे के आधार पर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा, “पैसे और फंड के आधार पर वोट मांगे जा रहे हैं, यह अच्छा संकेत नहीं है।”
ज्ञात हो कि अजीत पवार ने हाल ही में मालेगांव नगर पंचायत में वादा किया था कि यदि एनसीपी उम्मीदवार जीतते हैं तो शहर के लिए पर्याप्त फंड दिए जाएंगे और चेतावनी दी थी कि जो क्षेत्र पार्टी को समर्थन नहीं देंगे, उन्हें सहायता नहीं मिलेगी। उनके इस बयान के बाद विवाद बढ़ा तो बाद में अजीत पवार ने सफाई देते हुए कहा कि वह आदर्श चुनाव आचार संहिता का सम्मान करते हैं और जनजीवन में गलतियाँ हो सकती हैं।