क्या जीएसटी बचत उत्‍सव से नीमच में ट्रैक्टर खरीदने की भीड़ बढ़ी?

Click to start listening
क्या जीएसटी बचत उत्‍सव से नीमच में ट्रैक्टर खरीदने की भीड़ बढ़ी?

Key Takeaways

  • जीएसटी में कमी ने किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीदना आसान बना दिया है।
  • बिक्री में वृद्धि और ग्रामीण बाजारों में हलचल देखने को मिल रही है।
  • किसानों को हजारों रुपए की बचत हो रही है।
  • सरकार की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
  • कृषि उत्पादकता में संभवतः वृद्धि होगी।

नीमच, 24 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा 22 सितंबर से लागू किए गए जीएसटी सुधार ने देशभर के किसानों और व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। नीमच समेत मध्य प्रदेश में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। ट्रैक्टर शोरूम पर किसानों की भीड़ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही, यह उत्साह त्योहारी सीजन में और भी बढ़ गया है।

लंबे समय से ट्रैक्टर खरीदने की सोच रहे किसान अब नए जीएसटी दरों का फायदा उठाकर खरीदी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह निर्णय उनके लिए “बचत उत्सव” जैसा है, क्योंकि ट्रैक्टर कृषि कार्य की रीढ़ है और अब इसे खरीदना अपेक्षाकृत आसान हो गया है।

व्यापारियों के लिए भी यह कदम लाभकारी साबित हुआ है। ट्रैक्टर विक्रेताओं की बिक्री में अचानक तेजी आई है। नीमच जिले के शोरूम संचालकों का कहना है कि 22 सितंबर के बाद से ट्रैक्टरों की बिक्री में कई गुना इजाफा हुआ है। व्यापारी भी प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त कर रहे हैं कि इस कदम ने ग्रामीण बाजार को नई रफ्तार दी है।

ट्रैक्टर व अन्य कृषि संयंत्रों पर जीएसटी में कमी का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। किसान नई मशीनरी अपनाने के लिए उत्साहित होंगे, जिससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी। साथ ही, व्यापारियों की आय में बढ़ोतरी और ग्रामीण बाजारों की चहल-पहल अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।

नीमच जिले के जनकपुर के निवासी शिक्षित किसान आशीष पाटीदार ने बताया, "मैं अब पारिवारिक खेती को संभाल रहा हूं। हमारे पास पुराना ट्रैक्टर था जिसे पिताजी ने खरीदा था। अब जब हमें नए ट्रैक्टर की जरूरत पड़ने लगी थी, हमने जब 15 अगस्त पर पीएम मोदी का भाषण सुना कि वे जीएसटी कम करने वाले हैं, तो हम रुक गए थे। 22 तारीख से जीएसटी कम हुई है और हमने यह ट्रैक्टर खरीदा है और हमें इस पर बड़ी बचत हुई है। पहले 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, अब वह 5 प्रतिशत टैक्स लगा है, तो हम किसानों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी अच्छी राहत दी है। मुझे इस ट्रैक्टर पर 45 हजार रुपए का लाभ हुआ।"

ट्रैक्टर शोरूम संचालक बाबूलाल बंजारिया ने बताया कि मैं ट्रैक्टर लाइन में करीब 40 वर्षों से कार्य कर रहा हूं। जीएसटी पर छूट सरकार की सराहनीय पहल है। इससे किसानों में ट्रैक्टर खरीदने को लेकर रुझान बढ़ा है। जीएसटी कम होने की वजह से अब किसान ट्रैक्टर खरीदने का मन बना रहे हैं। रोजाना शोरूम पर किसानों की आवाजाही बढ़ गई है और हमें ट्रैक्टर बिक्री में भी बढ़ोतरी आई है। पहले ट्रैक्टर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था, अब 5 प्रतिशत जीएसटी ही लग रहा है, जिससे किसानों को सीधा-सीधा 7 प्रतिशत का फायदा हो रहा है।

पिपलोन गांव के निवासी किसान अर्जुन बैरागी ने बताया कि मैंने नया ट्रैक्टर खरीदा है। पीएम मोदी ने हम लोगों को काफी राहत दी है। हमें इस ट्रैक्टर पर 50 हजार रुपए की छूट मिली है। यह ट्रैक्टर हमारे खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण है; यह हमारी रीढ़ की हड्डी होती है।

ट्रैक्टर शोरूम संचालक दिनेश पाटीदार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्स स्लैब में बदलाव किया है। यह किसानों के लिए बहुत बड़ा फायदा है। किसानों के लिए पीएम मोदी का यह कदम काफी सराहनीय है। पहले ट्रैक्टर पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था, अब मात्र 5 प्रतिशत लग रहा है।

नीमच के ट्रैक्टर शोरूम संचालक शिखर पगारिया ने बताया कि सरकार ने जीएसटी में कटौती की है। ट्रैक्टरों पर टैक्स कम होने से किसानों को 20,000 से 90,000 रुपए तक का फायदा मिल रहा है। इससे किसानों में बड़ा उत्साह है। पिछले कुछ समय से किसानों का आना कम हो गया था, लेकिन अब शोरूम पर किसानों की भीड़ लग रही है।

Point of View

यह परिवर्तन भारतीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल से न केवल किसानों में उत्साह बढ़ा है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा। सरकार की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है, और यह बदलाव ग्रामीण बाजारों को नई गति प्रदान कर रहा है।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

जीएसटी में कमी का किसानों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
जीएसटी में कमी से किसानों को ट्रैक्टर खरीदने में बड़ी राहत मिली है, जिससे उनकी खरीदारी की क्षमता बढ़ी है।
ट्रैक्टर खरीदने में किसानों को कितनी बचत हो रही है?
किसान अब ट्रैक्टर पर 12% जीएसटी की बजाय 5% जीएसटी दे रहे हैं, जिससे उन्हें हजारों रुपयों की बचत हो रही है।
क्या यह सुधार केवल नीमच तक सीमित है?
नहीं, यह सुधार पूरे देश में किसानों और व्यापारियों को लाभ पहुंचा रहा है।
किसानों की प्रतिक्रिया इस बदलाव पर कैसी रही है?
किसानों ने इस बदलाव का स्वागत किया है और इसे एक बचत उत्सव की तरह मानते हैं।
क्या इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा?
जी हां, इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी।
Nation Press