अहमदाबाद में 'सेवा सेतु' का 12वां चरण: CM भूपेंद्र पटेल ने नागरिकों को सौंपे प्रमाण पत्र और सहायता राशि
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 25 सितंबर 2026 को अहमदाबाद में अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के 'सेवा सेतु' कार्यक्रम के 12वें चरण में भाग लिया, जहाँ एक ही छत के नीचे नागरिकों को सरकारी योजनाओं के प्रमाण पत्र और सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक सेवा में उनके 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे राज्यव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा था।
कार्यक्रम की रूपरेखा
यह संयुक्त आयोजन AMC के दक्षिण, पूर्व, मध्य और उत्तर — चारों जोन द्वारा मिलकर संचालित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न सरकारी योजनाओं की अलग-अलग डेस्क स्थापित की गई थीं, जहाँ नागरिक अपनी सेवा संबंधी आवेदन प्रक्रियाएं मौके पर ही पूरी कर सकते थे।
मुख्यमंत्री पटेल ने इन सभी स्टालों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया और योजना डेस्क के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने लाभार्थियों से सीधी बातचीत करते हुए सरकारी योजनाओं के ज़मीनी प्रभाव पर उनकी प्रतिक्रिया जानी।
लाभार्थियों को क्या मिला
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र और सहायता राशि के चेक वितरित किए। इस एकल-बिंदु सेवा मॉडल का उद्देश्य नागरिकों को कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला, अहमदाबाद महापौर हितेश बरोट, सांसद दिनेश मकवाना, विधायक अमूल भट्ट और दिनेशसिंह कुशवाहा, नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि, उप महापौर अंजू शाह, स्थायी समिति अध्यक्ष कमलेश पटेल, एवं शहर भाजपा (BJP) अध्यक्ष प्रेरक शाह सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इससे पहले 17 सितंबर को मुख्यमंत्री पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में वडनगर बस पोर्ट पर स्वच्छता अभियान, श्रमदान और वृक्षारोपण में हिस्सा लिया था। 'सेवा सेतु' और 'सेवा संकल्प अभियान' गुजरात सरकार द्वारा राज्यभर में चलाई जा रही जन-सेवा पहलों की श्रृंखला का हिस्सा हैं, जिनका लक्ष्य शासन को नागरिक के द्वार तक पहुँचाना है।
यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि गुजरात सरकार सेवा-वितरण को राजनीतिक आयोजनों से जोड़कर ज़मीनी स्तर पर प्रशासनिक पहुँच बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। आगामी चरणों में इस मॉडल को अन्य नगर निकायों तक विस्तारित किए जाने की संभावना है।