क्या गुजरात में रण उत्सव शुरू हो गया है, पर्यटकों को संस्कृति, कला और एडवेंचर का आनंद मिलेगा?

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क्या गुजरात में रण उत्सव शुरू हो गया है, पर्यटकों को संस्कृति, कला और एडवेंचर का आनंद मिलेगा?

सारांश

गुजरात का रण उत्सव शुरू हो गया है, जो न केवल कच्छ की संस्कृति और कला का जश्न है, बल्कि यह पर्यटकों को एडवेंचर का भी अनुभव कराता है। इस महोत्सव में कच्छ की अद्भुत सुंदरता और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने का मौका है।

Key Takeaways

  • रण उत्सव गुजरात की संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है।
  • यह कच्छ के सफेद रेगिस्तान में आयोजित होता है।
  • परिवारों के लिए यह एक समावेशी डेस्टिनेशन है।
  • स्थानीय कारीगरों और समुदायों को बढ़ावा मिलता है।
  • इसमें अद्भुत स्थानीय व्यंजन और एडवेंचर गतिविधियाँ शामिल हैं।

अहमदाबाद, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात में रण उत्सव का आयोजन आरंभ हो चुका है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतज़ार था। यह महोत्सव भारत और विश्वभर के ट्रैवलर्स को कच्छ के अद्भुत सफेद रेगिस्तान की ओर आकर्षित कर रहा है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस उत्सव की वैश्विक लोकप्रियता पर जोर दिया और धोर्डो में इसके मुख्य कार्यक्रमों की तैयारी की जानकारी साझा की।

सफेद रेगिस्तान का विस्तार, गुजरात की अनूठी संस्कृति और अनुभव को प्रदर्शित करने के लिए एक शानदार मंच तैयार करता है।

इस वर्ष का रण उत्सव कच्छ की बेहतरीन विशेषताओं को एक साथ लाता है, जैसे पारंपरिक मिट्टी के भुंगे घर, अद्भुत हैंडीक्राफ्ट, स्थानीय व्यंजन और रोमांचक एडवेंचर गतिविधियाँ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लाइट-एंड-साउंड शो, और बच्चों के खेलने के विशेष स्थान इस महोत्सव के माहौल को और भी जीवंत बनाते हैं, जिससे यह परिवारों और ट्रैवलर्स दोनों के लिए एक समावेशी डेस्टिनेशन बन जाता है।

धोर्डो के अलावा, यहाँ आने वाले कच्छ की प्रसिद्ध जगहों जैसे धोलावीरा, रोड टू हेवन, लखपत, माता नो मध, नारायण सरोवर, कालो डूंगर, स्मृतिवन, और मांडवी का दौरा भी कर सकते हैं। ये सभी स्थान इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं।

रण उत्सव 20 फरवरी तक जारी रहेगा और यह गुजरात की विरासत, कारीगरी और मेहमाननवाजी का उत्सव है। यह केवल कच्छ देखने का एक अवसर नहीं है, बल्कि इसकी आत्मा को समझने का भी मौका प्रदान करता है।

इस उत्सव की शुरुआत 2000 के दशक में राज्य सरकार की पहल के रूप में हुई थी। इसका उद्देश्य कच्छ की समृद्ध संस्कृति, कारीगरी और प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना था। पहले यह केवल एक छोटा सांस्कृतिक उत्सव था, लेकिन अब यह भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन कार्यक्रमों में से एक बन गया है और हर साल लाखों विजिटर्स को आकर्षित करता है।

रण उत्सव कच्छ के कारीगरों, संगीतकारों और पारंपरिक समुदायों को प्रोत्साहित करता है और स्थानीय रोजगार को सुदृढ़ बनाता है। इस प्रकार, यह उत्सव कच्छ की संस्कृति, मेहमाननवाजी और आर्थिक मजबूती का प्रतीक बन गया है।

आज, यह उत्सव न केवल कच्छ की लोक कलाओं और शिल्प की विरासत को संरक्षित करता है, बल्कि इस क्षेत्र को एक वैश्विक डेस्टिनेशन के रूप में भी स्थापित करता है, जिससे पहले अलग-थलग पड़े नमक के रेगिस्तान को मजबूती और उत्सव में एक नई पहचान मिलती है।

Point of View

बल्कि यह कच्छ की समृद्ध विरासत और कारीगरी को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इसे वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है, जो न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि स्थानीय समुदाय की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रहा है।
NationPress
13/02/2026

Frequently Asked Questions

रण उत्सव कब से कब तक चलेगा?
रण उत्सव 20 फरवरी तक चलेगा।
कच्छ में क्या देखने लायक है?
कच्छ में धोलावीरा, रोड टू हेवन, लखपत और माता नो मध जैसी प्रसिद्ध जगहें हैं।
रण उत्सव का उद्देश्य क्या है?
रण उत्सव का उद्देश्य कच्छ की समृद्ध संस्कृति, कारीगरी और प्राकृतिक सुंदरता को प्रदर्शित करना है।
क्या रण उत्सव में बच्चे भी शामिल हो सकते हैं?
हाँ, रण उत्सव में बच्चों के खेलने के विशेष स्थान हैं।
यह उत्सव कब शुरू हुआ?
रण उत्सव की शुरुआत 2000 के दशक में हुई थी।
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