क्या गुजरात सरकार ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' को 15 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया?
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात सरकार ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' को 15 जनवरी तक बढ़ाया।
- उत्सव में लाखों भक्त शामिल हुए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायक उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया।
- इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम और ड्रोन शो शामिल हैं।
सोमनाथ, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में 8 से 11 जनवरी तक सोमनाथ में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का भव्य उत्सव मनाया गया। अब नागरिकों की मांगों के मद्देनजर राज्य सरकार ने इस महोत्सव को 15 जनवरी तक मनाने का निर्णय लिया है।
पीएम मोदी ने रविवार को अपने भाषण में कहा कि भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की आस्था और अटूट विश्वास को ध्यान में रखते हुए, अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठाएं। राज्य सरकार ने इस उत्सव को 15 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
कृषि मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणादायक उपस्थिति में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' ऐतिहासिक रूप से मनाया जा रहा है। इस उत्सव के तहत आयोजित 'शौर्ययात्रा' में एक लाख से ज्यादा लोगों ने भाग लिया और सभी ने भगवान शिव की भक्ति में लीन हो गए।
ये कार्यक्रम 8 से 11 जनवरी तक आयोजित किए गए थे। इसी श्रृंखला में, इस अटूट आस्था का उत्सव 15 जनवरी तक मनाया जाएगा, जिसमें पूरे भारत से भक्त शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्षभाई संघवी के नेतृत्व में राज्य कैबिनेट के सदस्यों और प्रशासन के सफल प्रयासों से यह उत्सव संपन्न हुआ है। भक्तों को धार्मिक माहौल में रोशनी और विभिन्न पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद मिलेगा।
इस उत्सव के दौरान प्रधानमंत्री की गरिमामय उपस्थिति में 72 घंटे तक लगातार ओम नाद, 3000 ड्रोन का मेगा शो, 108 घोड़ों का वीरतापूर्ण जुलूस, और विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की कलाकृतियाँ भी आकर्षण का केंद्र बनीं।
राज्य सरकार ने इस महोत्सव को 15 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि देशभर के लोग इस धार्मिक आयोजन का आनंद ले सकें, जो भारतीय संस्कृति की धरोहर को पुनर्जीवित करता है।