क्या अनुकूल निवेश माहौल के चलते गुजराती निवेशकों की पसंद बन रहा है रवांडा? : राजदूत जैकलीन मुकांगीरा

Click to start listening
क्या अनुकूल निवेश माहौल के चलते गुजराती निवेशकों की पसंद बन रहा है रवांडा? : राजदूत जैकलीन मुकांगीरा

सारांश

रवांडा में अनुकूल निवेश माहौल के चलते गुजराती उद्यमियों का रुचि बढ़ा है। राजदूत जैकलीन मुकांगीरा ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। क्या यह भारत और रवांडा के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा?

Key Takeaways

  • रवांडा में निवेश का अनुकूल वातावरण है।
  • गुजराती निवेशकों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
  • भारत और रवांडा के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हो रहे हैं।
  • भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाती है।
  • दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग में संभावनाएं हैं।

राजकोट, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में रवांडा की राजदूत जैकलीन मुकांगीरा ने कहा है कि बड़ी संख्या में गुजराती उद्यमी और निवेशक अब रवांडा का रुख कर रहे हैं, क्योंकि वहां का निवेश वातावरण बेहद अनुकूल है।

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने बताया कि रवांडा में राष्ट्रीय और विदेशी निवेशकों के लिए राजकोषीय और गैर-राजकोषीय दोनों तरह के प्रोत्साहन उपलब्ध हैं और सबसे अहम बात यह है कि वहां भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है।

राजदूत जैकलीन मुकांगीरा ने कहा कि भारत और रवांडा के बीच द्विपक्षीय संबंध बेहद मजबूत और उत्कृष्ट हैं। रवांडा में बड़ी संख्या में भारतीय व्यवसाय कर रहे हैं, जिनमें खास तौर पर गुजरात से आने वाले निवेशकों की संख्या अधिक है। वर्तमान में भारत रवांडा का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक होने के साथ-साथ दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है, जो दोनों देशों के बीच गहराते आर्थिक रिश्तों को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि रवांडा भारत से फार्मास्यूटिकल उत्पाद, आईसीटी मशीनरी और उपकरण, चावल, कपड़ा और चीनी जैसी वस्तुओं का आयात करता है, जिनमें से अधिकांश वस्तुएं गुजरात से आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। इससे गुजरात और रवांडा के बीच व्यापारिक सहयोग की अपार संभावनाएं खुलती हैं।

भारत-रवांडा संबंधों में वर्ष 2018 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पॉल कागमे के निमंत्रण पर रवांडा की राजकीय यात्रा की। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की रवांडा की पहली यात्रा थी। यह यात्रा महज डेढ़ साल के भीतर भारत और रवांडा के बीच पांचवीं उच्च स्तरीय बातचीत थी, जिसमें इससे पहले रवांडा के राष्ट्रपति की भारत की दो यात्राएं, भारतीय उपराष्ट्रपति की रवांडा यात्रा और रवांडा सीनेट के अध्यक्ष की भारत यात्रा शामिल थीं।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान उनके साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारिक नेता भी शामिल थे। उन्होंने राष्ट्रपति पॉल कागमे के साथ व्यक्तिगत वार्ता की और द्विपक्षीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की अध्यक्षता की। इस दौरान व्यापार, रक्षा, दुग्ध सहयोग, कृषि, संस्कृति, चमड़ा और संबद्ध क्षेत्रों, विशेष आर्थिक क्षेत्र तथा सिंचाई परियोजनाओं के लिए 20 करोड़ डॉलर की ऋण लाइन सहित कुल आठ प्रारंभिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

रवांडा ने भारत से प्राप्त लगभग 400 मिलियन डॉलर की ऋण सहायता का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। वित्तीय सहयोग के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से रवांडा को शिक्षा, कौशल विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कृषि एवं पशु संसाधन, रक्षा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में क्षमता निर्माण के लिए व्यापक सहयोग मिला।

राष्ट्रपति के ‘गिरिंका कार्यक्रम’ के समर्थन में प्रधानमंत्री मोदी ने रवांडा को 200 गायें उपहार में दी थीं। यह कार्यक्रम ‘एक गाय-एक परिवार’ की सामाजिक सुरक्षा योजना के जरिए राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है। इसके अलावा कोविड-19 महामारी के दौरान भी दोनों देशों के नेतृत्व आपस में लगातार संपर्क में रहे, जिससे आपसी सहयोग और भरोसे को और मजबूती मिली।

Point of View

NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

रवांडा में निवेश करने के लिए कौन से क्षेत्र उपयुक्त हैं?
रवांडा में फार्मास्यूटिकल, आईसीटी, कृषि और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में निवेश के अपार अवसर हैं।
रवांडा में भ्रष्टाचार की स्थिति क्या है?
रवांडा में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाती है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना बहुत कम होती है।
Nation Press