हरिद्वार: तीन तलाक के मामले में पुलिस ने लिया सख्त कदम, एसएसपी ने कहा- यूसीसी के तहत बढ़ेंगी धाराएं
सारांश
Key Takeaways
- तीन तलाक मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
- हरिद्वार के एसएसपी ने यूसीसी के तहत धाराएं बढ़ाने का आश्वासन दिया।
- महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- सामाजिक जागरूकता के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
- सरकार द्वारा बनाए गए कानून महिलाओं के लिए सुरक्षा प्रदान करने में सहायक हैं।
हरिद्वार, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पुलिस ने हरिद्वार के बुग्गावाला थाना क्षेत्र में तीन तलाक के एक मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया है। हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बंदरझूठ क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि उसके पति ने मौखिक रूप से तीन तलाक दे दिया। शिकायत के तुरंत बाद पुलिस ने बुग्गावाला थाने में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी भुल्लर ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के आधार पर इस मामले में यूसीसी के तहत धाराएं बढ़ाई जाएंगी। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस की प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा है और वे तुरंत कार्रवाई करती हैं। इसके अलावा, पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
पीड़िता के भाई ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि मेरी बहन की शादी ढाई साल पहले हुई थी। कई बार झगड़े हुए और गांव के कई लोगों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन लड़के के परिवार ने मेरी बहन को परेशान किया। उसने हमें कई बातें नहीं बताईं, लेकिन अब लड़के ने उसे तलाक दे दिया।
भाई ने कहा कि सरकार ने यूसीसी कानून लागू किया है, जो महिलाओं के लिए अच्छा है। हम इस कानून के तहत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी बहन के साथ ऐसा न हो। धर्म और कुरान में कोई बुराई नहीं है, लेकिन कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
पीड़िता ने कहा कि शादी के बाद से मेरे साथ गलत व्यवहार किया गया। काफी समय तक मैंने सहा, लेकिन जब हद पार हो गई तो मैंने अपने घर पर बताया। उसने सास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लोग उसे जान से मारने के लिए उकसाते थे।