हरियाणा विधानसभा में महिला सशक्तिकरण पर ९ सदस्यीय समिति गठित, नायब सिंह सैनी बोले — मील का पत्थर

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हरियाणा विधानसभा में महिला सशक्तिकरण पर ९ सदस्यीय समिति गठित, नायब सिंह सैनी बोले — मील का पत्थर

सारांश

हरियाणा विधानसभा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिला सशक्तिकरण पर नौ सदस्यीय विशेष समिति गठित की — ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य। समिति में पाँच महिला सदस्य होंगी और इसका कार्यकाल एक वर्ष होगा।

Key Takeaways

  • हरियाणा विधानसभा ने २७ अप्रैल को विशेष एक दिवसीय सत्र में नौ सदस्यीय महिला सशक्तिकरण समिति गठित की।
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत यह कदम उठाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बना।
  • समिति में अध्यक्ष सहित पाँच महिला सदस्य होंगी और कार्यकाल एक वर्ष का होगा।
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए ३३ प्रतिशत आरक्षण की वकालत की।
  • कांग्रेस ने सत्र का बहिष्कार किया और विधानसभा के बाहर सांकेतिक सत्र आयोजित किया।
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम को २०२९ तक लागू करने के प्रयास जारी हैं, मूल समयसीमा २०३४ थी।

चंडीगढ़, २७ अप्रैल। हरियाणा विधानसभा ने सोमवार को अपने विशेष एक दिवसीय सत्र में महिला सशक्तिकरण पर नौ सदस्यीय विशेष समिति के गठन को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत यह पहल करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुरोध पर समिति के गठन की औपचारिक घोषणा की।

मुख्य घटनाक्रम

यह प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा द्वारा सदन में पेश किया गया। समिति में अध्यक्ष सहित पाँच महिला सदस्य होंगी और इसका कार्यकाल एक वर्ष निर्धारित किया गया है। सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री सैनी ने अध्यक्ष और सदन के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

गौरतलब है कि यह सत्र ऐसे समय में बुलाया गया जब केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम, २०२३ को २०२९ तक लागू करने के प्रयासों में जुटी है — जबकि मूल रूप से इसे २०३४ तक लागू किए जाने की संभावना थी।

मुख्यमंत्री सैनी का दृष्टिकोण

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा,

Point of View

लेकिन असली परीक्षा इस समिति की सिफारिशों को ज़मीन पर उतारने में होगी। यह ऐसे समय में आया है जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम की समयसीमा को लेकर केंद्र में भी राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। विरोधाभास यह है कि जिस राज्य में महिला सुरक्षा और लिंगानुपात के आँकड़े चिंताजनक रहे हैं, वहाँ विधायी समिति का गठन पर्याप्त नहीं — ज़रूरत है ठोस नीतिगत बदलाव की। कांग्रेस का बहिष्कार राजनीतिक है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह सवाल नहीं पूछती कि इस समिति के पास क्या वास्तविक अधिकार होंगे।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

हरियाणा विधानसभा ने महिला सशक्तिकरण समिति का गठन कब किया?
हरियाणा विधानसभा ने २७ अप्रैल २०२५ को विशेष एक दिवसीय सत्र में महिला सशक्तिकरण पर नौ सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया। यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हुआ।
इस समिति में कितने सदस्य होंगे और इसका कार्यकाल क्या है?
समिति में कुल नौ सदस्य होंगे, जिनमें अध्यक्ष सहित पाँच महिला सदस्य शामिल हैं। समिति का कार्यकाल एक वर्ष निर्धारित किया गया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है और इसे कब लागू किया जाएगा?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम वर्ष २०२३ में पारित हुआ था, जिसका उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए ३३ प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना है। मूल रूप से इसे २०३४ तक लागू करने की योजना थी, लेकिन अब इसे २०२९ तक लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा के इस सत्र का बहिष्कार क्यों किया?
कांग्रेस ने इस विशेष एक दिवसीय सत्र का बहिष्कार किया और विधानसभा के बाहर सांकेतिक सत्र आयोजित किया। हालाँकि पार्टी ने बहिष्कार के विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए।
हरियाणा के इस कदम का राष्ट्रीय महत्व क्या है?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिला सशक्तिकरण समिति गठित करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत २०४७ के दृष्टिकोण से जोड़ा, जिसमें महिलाएँ चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं।
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