हरियाणा में वायु प्रदूषण फैलाने वाली 11 फैक्ट्रियों पर जल्द होगी कार्रवाई: उपायुक्त वीरेंद्र दहिया
सारांश
Key Takeaways
- 11 फैक्ट्रियों को सील किया जाएगा
- चार फैक्ट्रियों के संचालन पर रोक लगाई गई
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की निगरानी
- जन स्वास्थ्य की सुरक्षा
- सरकार की सख्त कार्रवाई
पानीपत, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनसीआर में वायु प्रदूषण फैलाने वाली कई फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश पर पहले से ही चार फैक्ट्रियों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त, जल्द ही 11 अन्य फैक्ट्रियों को भी सील किया जाएगा।
उपायुक्त वीरेंद्र दहिया ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) एनसीआर क्षेत्र की वायु गुणवत्ता की निगरानी करता है और सुनिश्चित करता है कि वायु गुणवत्ता की मानक सीमा का पालन हो। आयोग ने उन फैक्ट्रियों की सूची बनाई है जिनके एयर कंट्रोल डिवाइस सही तरीके से कार्य नहीं कर रहे थे। इन फैक्ट्रियों के कारण वायु में प्रदूषण बढ़ रहा था और यह लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता था। इसलिए आयोग ने त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि चार फैक्ट्रियों पर पहले से ही रोक लगाई जा चुकी है और बाकी 11 फैक्ट्रियों को भी शीघ्र सील किया जाएगा। यह कार्रवाई उन फैक्ट्रियों के खिलाफ की गई है जिनके एयर पॉल्यूशन कंट्रोल उपकरण सही से कार्य नहीं कर रहे थे।
उन्हें कहना है कि जो भी फैक्ट्री एयर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम का पालन नहीं कर रही, वह न केवल नियमों का उल्लंघन कर रही है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रही है। इसलिए आयोग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
यह ध्यान देने योग्य है कि सरकार वायु प्रदूषण को लेकर गंभीर है और दिल्ली-एनसीआर एवं आस-पास के क्षेत्रों में हवा को शुद्ध रखने के लिए लागू नियमों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है। अगर किसी फैक्ट्री ने नियमों का पालन नहीं किया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सीलिंग जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में चार फैक्ट्रियों के संचालन पर रोक लगाई गई है और जल्द ही 11 अन्य फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।