क्या हरियाणा के सोनीपत में दर्दनाक सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की जान चली गई?
सारांश
Key Takeaways
- सड़क सुरक्षा का पालन करना बेहद आवश्यक है।
- दुर्घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है।
- परिवारों के लिए सामाजिक समर्थन की आवश्यकता होती है।
- पुलिस की कार्रवाई समय पर होनी चाहिए।
- इस तरह की घटनाएं जागरूकता बढ़ाने का काम करती हैं।
सोनीपत, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के सोनीपत जिले में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के परिणामस्वरूप तीन युवकों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, तीन दोस्त स्कूटी पर सवार होकर सोनीपत के मुरथल में एक ढाबे पर पराठे खाने गए थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा सोनीपत से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-44 पर नागल खुर्द फ्लाईओवर के ऊपर हुआ। स्कूटी पर सवार युवक एक ट्रक से टकरा गए, जिनमें से दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक की इलाज के दौरान मौत हुई।
दुर्घटना के बाद, ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के कारण हाईवे पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को बहाल करते हुए अपनी कार्रवाई शुरू की।
मृतकों की पहचान मयंक, दीपक और प्रतीक के रूप में की गई है, जो कि दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र के कृष्णा विहार के निवासी थे। घटना के बाद से तीनों परिवारों में शोक
इसके साथ ही, संत निरंकारी मिशन की सतगुरु माता सुधारक्षी महाराज की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने संत निरंकारी मंडल के मुख्य सुरक्षा अधिकारी कर्नल हरविंदर सिंह गुलेरिया का बयान दर्ज किया है।
3 जनवरी को मुरथल थाना पुलिस को हादसे की शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया था कि जीटी रोड पर मुरथल फ्लाईओवर के पास एक तेज रफ्तार काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी ने माता सुदीक्षा महाराज की गाड़ी को टक्कर मारी थी, हालांकि उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।