क्या बेंगलुरु में मेडिकल छात्रा ने कॉलेज के उत्पीड़न के कारण आत्महत्या की?

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क्या बेंगलुरु में मेडिकल छात्रा ने कॉलेज के उत्पीड़न के कारण आत्महत्या की?

सारांश

बेंगलुरु में एक मेडिकल छात्रा की आत्महत्या के बाद कॉलेज में उत्पीड़न का मामला गरमाता जा रहा है। क्या शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है? जानिए इस घटना की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • उत्पीड़न के कारण छात्राओं पर मानसिक दबाव बढ़ता है।
  • कॉलेज प्रशासन को छात्रों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
  • मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
  • छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा होनी चाहिए।
  • सामाजिक जागरूकता और बदलाव की जरूरत है।

बेंगलुरु, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कॉलेज में उत्पीड़न के चलते एक महिला मेडिकल छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। यह घटना शुक्रवार को बेंगलुरु के बाहरी इलाके अनेकल के पास चंदपुरा में हुई।

मृतक की पहचान 23 वर्षीय यशस्विनी के रूप में हुई है। यशस्विनी बेंगलुरु के बोम्मनहल्ली क्षेत्र में स्थित एक निजी डेंटल कॉलेज में तीसरे वर्ष की छात्रा थी। उसके माता-पिता का आरोप है कि आंखों की समस्या के कारण एक दिन अनुपस्थित रहने पर उसे कक्षा में अपमानित और परेशान किया गया।

यशस्विनी ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग में पढ़ रही थी।

पुलिस के अनुसार, आंखों में दर्द के कारण वह 7 जनवरी को कक्षा में नहीं आई थी। अगले दिन जब वह कॉलेज लौटी, तो लेक्चरर ने कथित तौर पर उसके द्वारा इस्तेमाल की गई आई ड्रॉप्स के बारे में व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए उसका अपमान किया, उससे पूछा कि उसने कितनी बूंदें डाली हैं और क्या उसने पूरी बोतल आंख में डाल दी है। उन पर यह भी आरोप है कि उन्हें सेमिनार प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें रेडियोलॉजी से संबंधित किसी मामले को संभालने की इजाजत नहीं दी गई।

मृतक की मां परिमाला ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को एक दिन अनुपस्थित रहने पर अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि उसकी आंख में चोट लग गई थी और उसने परिवार को इसकी जानकारी दे दी थी। पूरी कक्षा के सामने उसकी आंखों की समस्या को लेकर उसका अपमान किया गया। उसने मुझे सब कुछ बताया था। क्या उनके बच्चे नहीं हैं? लेक्चरर और कॉलेज प्रबंधन ने मेरी बेटी का अपमान किया, जिसके बाद उसने यह चरम कदम उठाया।

उन्होंने अपनी बेटी का कथित रूप से अपमान करने वाले लेक्चरर और कॉलेज के प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी पूरी तरह से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करती थी और एक घंटा भी बर्बाद नहीं करती थी। एक व्याख्याता पूरी कक्षा के सामने उसका अपमान कैसे कर सकता है? अगर वह अनुपस्थित थी, तो उन्हें अभिभावकों को बुलाना चाहिए था। वे मेरे बच्चे को कैसे निशाना बना सकते हैं?

उन्होंने आगे कहा कि उनकी बेटी एक मेहनती और उच्च श्रेणी की छात्रा थी और इस तरह के अपमान ने उसे बहुत गहरा आघात पहुंचाया है। “वह संवेदनशील थी और उसे डर था कि कहीं उसके नंबर कम न आ जाएं, जिससे मुझे बहुत दुख होगा। मेरी इकलौती बेटी है। मैं अपना दुख किसके साथ बांटूं? किसी और बच्चे को इस तरह के अन्याय का सामना नहीं करना चाहिए।

पुलिस ने मामले की आगे जांच शुरू कर दी है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

Point of View

NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या इस छात्रा की आत्महत्या का कारण कॉलेज में उत्पीड़न था?
हां, छात्रा के परिजनों का आरोप है कि उसे कॉलेज में उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उसने आत्महत्या का कदम उठाया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अभी तक अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
क्या कॉलेज प्रशासन पर कोई कार्रवाई की जाएगी?
छात्रा के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन और लेक्चरर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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