क्या अरविंद केजरीवाल ने आतिशी को बचाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग किया?

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क्या अरविंद केजरीवाल ने आतिशी को बचाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग किया?

सारांश

दिल्ली विधानसभा में आतिशी के विवादास्पद वीडियो की फोरेंसिक रिपोर्ट ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाया है। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • फोरेंसिक रिपोर्ट ने वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि की है।
  • कपिल मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • केजरीवाल पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।
  • गुरुओं का सम्मान महत्वपूर्ण है।
  • राजनीतिक विवादों का स्तर ऊँचा होता जा रहा है।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी से जुड़े विवादास्पद वीडियो क्लिप की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने शनिवार को 'सत्यमेव जयते' का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता द्वारा किए गए कथित गलत काम की पुष्टि हो गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आतिशी को बचाने के लिए पंजाब पुलिस का गलत इस्तेमाल कर एक 'बड़ा पाप' किया है।

कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "सत्यमेव जयते। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष जी को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट अब जनता के सामने है। आतिशी ने सदन में जो पाप किया, वो अब सत्यापित हो चुका है।"

उन्होंने आगे कहा, "उससे बड़ा पाप केजरीवाल ने किया है, जो गुरुओं का अपमान करने वाली आतिशी को बचाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग कर रहा है। सत्य को कभी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। आज दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।"

इससे पहले, विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा में एफएसएल रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि वीडियो में कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं की गई।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुप्ता ने कहा, "8 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में विपक्ष ने विधानसभा सत्र के वीडियो फुटेज की जांच की मांग की थी, क्योंकि इसकी प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस मांग पर कार्रवाई करते हुए, उस सत्र की रिकॉर्डिंग फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को भेजी गई थी। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं: यह उस दिन का हूबहू रिकॉर्ड है। सभी तथ्यों, नियमों और कानूनों को ध्यान में रखते हुए ऑडियो और वीडियो दोनों एफएसएल को दिए गए थे।"

रिपोर्ट के नतीजों का जिक्र करते हुए स्पीकर ने कहा कि वीडियो की प्रामाणिकता और असलियत के संबंध में हमें एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त हुई है। लैब ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वीडियो में कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं की गई है। यह साफ तौर पर बताया गया है कि किसी भी प्रकार की कोई हेरफेर नहीं की गई है।

गुप्ता ने आगे कहा कि दिल्ली विधानसभा ने वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया था। स्पीकर ने आगे कहा कि दिल्ली विधानसभा को मिली रिपोर्ट ने मामले की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट यह साबित करती है कि गुरुओं के सम्मान और इज्जत के संबंध में, एक राजनीतिक पार्टी ने किसी न किसी तरीके से सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया है और गुरुओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। मैं विपक्ष के नेता से आग्रह करता हूं कि वे आगे आएं और मुझसे मिलें। अन्यथा, आने वाले समय में इस मामले को गंभीरता से देखा जाएगा। उन्हें अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए, अपने बयान वापस लेने चाहिए, और माफी मांगनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की मांग की, जब पंजाब की एक अदालत ने उनके द्वारा सर्कुलेट किए गए एक वीडियो को फर्जी और गुमराह करने वाला घोषित किया।

पार्टी के मुख्य सचेतक संजीव झा ने विधानसभा स्पीकर गुप्ता को लिखे पत्र में कहा कि जालंधर कोर्ट ने वीडियो को सोशल मीडिया से तुरंत हटाने का आदेश दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इसका इस्तेमाल आतिशी की छवि को खराब करने के लिए किया गया, जिसमें उन्हें गलत तरीके से सिख गुरु साहिबों के नाम लेते हुए दिखाया गया था।

इस पर मंत्री कपिल मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि वह आतिशी की कथित टिप्पणियों के बारे में एक पोस्ट से संबंधित शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस की एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने सवाल किया कि आप नेता दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने क्यों पेश नहीं हो रही हैं।

--आईएनएस

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक विवादों का स्तर बढ़ता जा रहा है। यह आवश्यक है कि सभी पक्ष सत्य और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें। जनता को सच जानने का अधिकार है और राजनीतिक नेताओं को अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या कपिल मिश्रा के आरोप सच हैं?
यह आरोप फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर हैं, लेकिन निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए व्यापक जांच की आवश्यकता है।
क्या आम आदमी पार्टी ने वीडियो को गलत तरीके से प्रस्तुत किया?
इस पर विवाद जारी है, जालंधर कोर्ट ने वीडियो को फर्जी घोषित किया है, जिससे पार्टी की छवि पर सवाल उठते हैं।
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