क्या कोयला 'विकसित भारत 2047' में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा? : पीएम मोदी

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क्या कोयला 'विकसित भारत 2047' में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा? : पीएम मोदी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोयला विकसित भारत 2047 की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले 11 वर्षों में भारत का कोयला क्षेत्र अगली पीढ़ी के ईंधन के रूप में खुद को ढाल रहा है। इस लेख में जानिए कोयले के उत्पादन में आई वृद्धि और इसकी ऊर्जा सुरक्षा में भूमिका।

Key Takeaways

  • कोयला विकसित भारत 2047 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
  • भारत का कोयला उत्पादन 1,047.523 मिलियन टन तक पहुंच गया है।
  • कोयला भारत की ऊर्जा सुरक्षा का एक आवश्यक हिस्सा है।
  • उपभोक्ताओं को कोयले की भरपूर आपूर्ति की जा रही है।
  • कोयले का उत्पादन पिछले वर्षों में लगातार बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि कोयला विकसित भारत 2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पीएम मोदी ने केंद्रीय कोयला और खनन मंत्री जी.कृष्ण रेड्डी का एक लेख साझा किया, जिसमें यह बताया गया कि कैसे पिछले 11 वर्षों में भारत का कोयला क्षेत्र अगली पीढ़ी के ईंधन के रूप में खुद को ढाल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोयला विकसित भारत 2047 की दिशा में भारत की यात्रा में योगदान देता रहेगा, और ग्रीन टेक्नोलॉजी के साथ आसानी से एकीकृत होगा।"

सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, देश में साल 2024-25 में अब तक का सबसे अधिक कोयले का उत्पादन हुआ है।

साल 2024-25 में पूरे भारत में कोयला उत्पादन 1,047.523 मिलियन टन रहा, जबकि साल 2023-24 में यह 997.826 मिलियन टन था, जिसमें लगभग 4.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

कोयले की आपूर्ति भी वित्त वर्ष 2023-24 में 973.01 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 1025.33 मिलियन टन हो गई है, जिसमें लगभग 5.38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

देश में कुल कोयला उत्पादन में एक बड़ी छलांग देखी गई है और यह वित्त वर्ष 2013-14 में 565.77 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 1047.52 मिलियन टन हो गया है।

इसके अतिरिक्त, 2025 (जनवरी-दिसंबर) के दौरान, देश ने लगभग 1,042.90 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में लगभग 1,039.62 मिलियन टन कोयले के उत्पादन की तुलना में लगभग 0.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

वर्तमान समय में कोयला ऊर्जा का मुख्य स्रोत है, जो भारत की प्राथमिक वाणिज्य ऊर्जा में 55 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है।

कुल पावर जेनरेशन में, कोयले से चलने वाले पावर प्लांट्स का हिस्सा लगभग 72 प्रतिशत है, और कोयला भारत की एनर्जी सिक्योरिटी का एक आवश्यक हिस्सा बना रहेगा।

विशेष बात यह है कि इस अवधि में उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार कोयले की भरपूर और बिना रुकावट आपूर्ति की गई है और देश में कोयले की कोई कमी की रिपोर्ट नहीं आई है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि कोयला भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का बयान इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हमें इस क्षेत्र में और विकास की आवश्यकता है ताकि हम ऊर्जा की निर्भरता को संतुलित कर सकें।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत में कोयला उत्पादन का वर्तमान स्तर क्या है?
साल 2024-25 में भारत का कोयला उत्पादन 1,047.523 मिलियन टन है।
कोयला भारत की ऊर्जा में कितना योगदान देता है?
कोयला भारत की प्राथमिक वाणिज्य ऊर्जा में 55 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है।
क्या भारत में कोयले की कमी है?
वर्तमान में देश में कोयले की कोई कमी की रिपोर्ट नहीं आई है।
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