क्या भारत और जर्मनी के बीच सेमीकंडक्टर और एआई समेत 27 अहम मुद्दों पर सहमति बनी?
सारांश
Key Takeaways
- भारत और जर्मनी के बीच 27 मुद्दों पर सहमति हुई है।
- द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
- सेमीकंडक्टर और एआई पर साझेदारी बनाई जाएगी।
- आर्थिक सहयोग के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का फोरम स्थापित किया जाएगा।
- दूरसंचार और स्वास्थ्य में सहयोग पर भी चर्चा हुई है।
गांधीनगर, १२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। भारत दौरे के पहले दिन उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद में कई कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस बैठक के दौरान भारत और जर्मनी के बीच सेमीकंडक्टर और एआई समेत २७ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है।
द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को सशक्त बनाने के लिए संयुक्त इरादे की घोषणा हुई।
मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के फोरम की स्थापना के जरिए द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
भारत-जर्मनी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए साझेदारी पर भी सहमति बनी।
महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग और दूरसंचार के क्षेत्र में भी संयुक्त इरादे की घोषणा की गई।
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान और इनफिनियॉन टेक्नोलॉजीज एजी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इसके अलावा, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और चैरिटे विश्वविद्यालय, जर्मनी के बीच भी एमओयू हुआ।
भारत के पीएनजीआरबी और जर्मन डीवीजीडब्ल्यू के बीच भी एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
एएम ग्रीन और यूनिपर ग्लोबल कमोडिटीज के बीच हरे अमोनिया के लिए समझौता हुआ।
जैव अर्थव्यवस्था में अनुसंधान और विकास में सहयोग के लिए भी संयुक्त इरादे की घोषणा की गई।
इंडो-जर्मन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर के कार्यकाल का विस्तार किया गया।
स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए नैतिक और सतत भर्ती के लिए वैश्विक कौशल साझेदारी की शर्तों पर भी सहमति बनी।
हैदराबाद में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में नवीकरणीय ऊर्जा में कौशल विकास के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर भी सहमति हुई।
नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स और जर्मन डीएसएम के बीच भी समझौता ज्ञापन हुआ।
खेल क्षेत्र में सहयोग के लिए भी संयुक्त इरादे की घोषणा की गई।
डाक सेवाओं के क्षेत्र में भी सहयोग पर सहमति बनी।
भारत के डाक विभाग और ड्यूश पोस्ट एजी के बीच भी समझौता हुआ।
हॉकी इंडिया और जर्मन हॉकी फेडरेशन के बीच युवा हॉकी विकास पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी में बिना वीजा के ट्रांजिट की घोषणा की गई।
विदेश नीति और सुरक्षा वार्ता के लिए ट्रैक 1.5 की स्थापना की गई।
इंडो-पैसिफिक पर द्विपक्षीय संवाद प्रणाली की स्थापना की गई।
भारत-जर्मनी डिजिटल वार्ता की कार्य योजना को अपनाया गया (२०२५-२०२७)।
ग्रीन एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप के तहत १.२४ बिलियन यूरो की नई फंडिंग कमिटमेंट की गई।
भारत-जर्मनी प्लेटफॉर्म के तहत बैटरी स्टोरेज वर्किंग ग्रुप की शुरुआत की गई।
भारत-जर्मनी त्रिकोणीय विकास सहयोग के तहत घाना, कैमरून और मलावी में परियोजनाएं विस्तारित की गईं।
अहमदाबाद में जर्मनी के मानद काउंसल का उद्घाटन किया गया।