कोलकाता स्ट्रॉन्गरूम विवाद: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोले — 'लोकतंत्र खतरे में, चुनाव आयोग पर उठते हैं सवाल'
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सारांश
कोलकाता स्ट्रॉन्गरूम विवाद ने एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने चुनाव आयोग और भाजपा के बीच 'संबंधों' पर सवाल उठाए, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए धरना दिया। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्यसभा में नोटिस भी दाखिल किया है।
Key Takeaways
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 1 मई को कोलकाता स्ट्रॉन्गरूम विवाद पर भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम के बाहर तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं को दोपहर में हटाया गया और स्ट्रॉन्गरूम शाम करीब 4 बजे फिर से खोलने की बात कही गई। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर राज्यसभा में नोटिस दाखिल किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पहले कभी इतना 'समझौतावादी' नहीं रहा और ज्ञानेश कुमार एक 'खिलाड़ी' हैं, न कि निष्पक्ष पर्यवेक्षक। कांग्रेस ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की वकालत करते हुए पूर्ण पारदर्शिता के साथ मतगणना की मांग की।
कांग्रेस से राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने शुक्रवार, 1 मई को कोलकाता स्ट्रॉन्गरूम विवाद पर गहरी चिंता जताई और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज पर सीधे सवाल खड़े किए। तिवारी ने कहा कि इस तरह की बार-बार होने वाली घटनाएं देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव को खोखला कर सकती हैं।
तिवारी ने क्या कहा
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में प्रमोद तिवारी ने कहा,
Point of View
बल्कि एक पैटर्न दिखता है जिसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए ज़रूरी है कि चुनाव आयोग न केवल निष्पक्ष हो, बल्कि निष्पक्ष दिखे भी।
NationPress
01/05/2026
Frequently Asked Questions
कोलकाता स्ट्रॉन्गरूम विवाद क्या है?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईवीएम रखे जाने वाले स्ट्रॉन्गरूम के बाहर तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं को दोपहर में हटा दिया गया और बाद में बताया गया कि स्ट्रॉन्गरूम शाम करीब 4 बजे फिर से खोला जाएगा। इससे चिंतित होकर तृणमूल ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रमोद तिवारी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि जब भी चुनाव आयोग पर आरोप लगते हैं, भाजपा के प्रवक्ता तुरंत स्पष्टीकरण देने आ जाते हैं, जिससे दोनों के बीच संबंधों पर सवाल उठते हैं। उन्होंने किसी पर सीधा आरोप लगाने से बचते हुए एक ऐसे पैटर्न की जाँच की माँग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने क्या कदम उठाया?
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर राज्यसभा में एक नोटिस दाखिल किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
जयराम रमेश ने चुनाव आयोग के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पहले कभी इतना समझौतावादी नहीं रहा जितना अभी है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'खिलाड़ी' बताते हुए कहा कि वे निष्पक्ष पर्यवेक्षक नहीं, बल्कि एक पक्षकार बन गए हैं।
कांग्रेस की चुनावी पारदर्शिता पर क्या माँग है?
कांग्रेस ने माँग की है कि मतगणना पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाए। पार्टी ने मतदान के अधिकार को नागरिकों के मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दिए जाने की भी माँग की है।