क्या सरकार ने वित्तीय रिपोर्ट की निगरानी के लिए नई एआई पहल शुरू की है?
सारांश
Key Takeaways
- सरकार ने नई एआई पहल शुरू की है।
- प्रतियोगिता में 1.5 करोड़ रुपए का पुरस्कार है।
- आवेदन की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 है।
- भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए भागीदारी का अवसर।
- एआई तकनीक का उपयोग सरकारी प्रक्रियाओं में सुधार के लिए किया जाएगा।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वित्तीय रिपोर्टों की गुणवत्ता पर बारीकी से ध्यान देने और सरकारी प्रक्रियाओं को गति देने के लिए सरकार ने एक नई एआई पहल की घोषणा की है। इस पहल का नाम 'इंडिया एआई फाइनेंशियल रिपोर्टिंग कंप्लायंस चैलेंज' रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से ऐसे डिजिटल समाधान विकसित करना है, जो वित्तीय रिपोर्टिंग की जांच को सरल और त्वरित बना सकें।
यह पहल नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) और इंडियाएआई की साझेदारी में आरंभ की गई है, जिसके तहत एआई आधारित नवीन विचारों और तकनीकों को विकसित करने के लिए कंपनियों और स्टार्टअप्स को आमंत्रित किया गया है।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए कुल 1.5 करोड़ रुपए का पुरस्कार रखा गया है। वर्चुअल चरण में चयनित 10 टीमों को 5-5 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।
इसके अलावा, एक विजेता टीम को एनएफआरए के साथ दो साल का कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है, जिसकी कुल राशि 1 करोड़ रुपए तक हो सकती है। इस तकनीक का उपयोग देशभर में किया जाएगा।
इस चैलेंज में भारतीय कंपनियां और डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स भाग ले सकते हैं। प्रतिभागियों को ऐसा एआई सिस्टम तैयार करना होगा, जो विभिन्न प्रकार की फाइलों से जानकारी निकाल सके और निर्धारित मानकों के अनुसार उनकी जांच कर सके।
इस पहल के तहत एआई द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट यह स्पष्ट करेगी कि क्या वित्तीय नियमों का पालन किया गया है या नहीं। साथ ही, जोखिम से संबंधित संकेत, स्वचालित विश्लेषण और एआई आधारित जानकारी देने वाला चैट सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।
पिछले हफ्ते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के एआई स्टार्टअप्स से कहा था कि उनके एआई मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा सुरक्षा पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत सस्ती और समावेशी एआई तकनीक विकसित कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत के एआई मॉडल को विशिष्ट पहचान के साथ विकसित किया जाना चाहिए, जिसमें स्थानीय भाषाओं, संस्कृति और भारतीय सामग्री को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने एआई को समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली तकनीक बताया।
प्रधानमंत्री ने साझा किया कि भारत अगले महीने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की मेज़बानी करेगा, जिससे तकनीक के क्षेत्र में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के पास नए विचारों को बड़े स्तर पर लागू करने की पूरी क्षमता है।