क्या सिंगर हनी सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए? मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी
सारांश
Key Takeaways
- हनी सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग।
- भारत की संस्कृति और विरासत की सुरक्षा आवश्यक है।
- ईरान में चल रहे प्रदर्शनों की गंभीरता।
- हिंसक प्रदर्शनों का विरोध करना चाहिए।
- अमेरिका और इजराइल का भूमिकाओं पर सवाल।
बरेली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में एक कॉन्सर्ट के दौरान प्रसिद्ध सिंगर हनी सिंह द्वारा किए गए अश्लील भाषा के उपयोग की ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हनी सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
बरेली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि म्यूजिक डायरेक्टर और सिंगर हनी सिंह ने दिल्ली की ठंड पर जो टिप्पणियां की हैं, वे बेहद गलत हैं। ऐसे व्यक्तियों को शर्म आनी चाहिए। वे भारत की संस्कृति, सभ्यता और विरासत को नहीं समझते हैं। उन्हें अपने पारिवारिक मूल्यों और परवरिश का कोई ज्ञान नहीं है। इन टिप्पणियों के जरिए वे लोगों को शर्मिंदा कर रहे हैं। हनी सिंह अपने आपत्तिजनक बयानों से विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के संबंध में मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि ईरान की वर्तमान स्थिति अच्छी नहीं है। वहाँ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा शामिल है। अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति के लिए अमेरिका और इजराइल जिम्मेदार हैं। अमेरिका की कोशिश है कि वह ईरान से अयातुल्ला खामेनेई को हटाकर वहां अपना प्रभुत्व स्थापित करे।
मौलाना ने यह भी कहा कि भारत के मुसलमानों की ख्वाहिश है कि दुनिया में अमन-चैन बना रहे, लेकिन अमेरिका अपनी दादागिरी से बाज नहीं आ रहा है। वह सबका दादा बनना चाहता है, लेकिन यह संभव नहीं है। अमेरिका-इजरायल वहां के लोगों को हिंसक घटनाओं के लिए उकसा रहे हैं। ईरान एक उभरता हुआ देश है, जिसे अमेरिका दबाना चाहता है। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के लिए धरना-प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन हिंसक प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।