7 अक्टूबर 2026
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गुजरात कांग्रेस नेता वीरजी ठुम्मर का 67 वर्ष में निधन, कैंसर से चार साल की लड़ाई के बाद हुई मौत

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गुजरात कांग्रेस नेता वीरजी ठुम्मर का 67 वर्ष में निधन, कैंसर से चार साल की लड़ाई के बाद हुई मौत

सारांश

गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ स्तंभ और अमरेली के पूर्व सांसद वीरजी ठुम्मर अब नहीं रहे। चार साल की कैंसर से लड़ाई के बाद 67 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। किसान नेता से सांसद और विधायक तक का उनका सफर गुजरात की जमीनी राजनीति की अनूठी मिसाल था।

मुख्य बातें

वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरजी ठुम्मर का निधन 7 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:15 बजे उनके आवास पर हुआ।
वे 67 वर्ष के थे और पिछले चार वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे।
ठुम्मर ने 2004-2009 तक अमरेली लोकसभा और 1990, 1995, 1998 में बाबरा विधानसभा तथा 2017-2022 में लाठी विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया।
कांग्रेस के गुजरात प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने उन्हें 'बरगद का पेड़' बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
उनकी बेटी जेनी ठुम्मर ने 2024 के आम चुनाव में अमरेली लोकसभा सीट से कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ा था।

अमरेली के पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरजी ठुम्मर का 7 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे उनके आवास पर निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे और पिछले चार वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। अमरेली जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप दुधात ने उनके निधन की पुष्टि की।

राजनीतिक जीवन और उपलब्धियाँ

31 मई 1959 को जन्मे ठुम्मर ने वाणिज्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और किसानों के मुद्दों के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। कम उम्र में ही वे अमरेली जिला पंचायत के सदस्य बने, जो उनके राजनीतिक करियर की पहली सीढ़ी थी।

उन्होंने 1990, 1995 और 1998 में बाबरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद 2004 में उन्होंने अमरेली लोकसभा सीट जीतकर संसद में प्रवेश किया और 2009 तक सांसद रहे।

राज्य की राजनीति में वापस लौटते हुए उन्होंने 2017 में लाठी विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक के रूप में चुनाव जीता और 2022 तक विधायक रहे। 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर लाठी से चुनाव लड़ा, परंतु भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार से पराजित हो गए।

संगठनात्मक भूमिका और सहकारी क्षेत्र में योगदान

कांग्रेस संगठन में ठुम्मर ने महासचिव और उपाध्यक्ष के पद पर कार्य किया। वे किसान कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख भी रहे। इसके अलावा वे अमरेली में सहकारी क्षेत्र से गहराई से जुड़े रहे और उन्होंने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय नेतृत्व प्रदान किया।

नेताओं की श्रद्धांजलि

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और गुजरात प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ठुम्मर को राज्य पार्टी इकाई का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सादगी, जनता के प्रति स्नेह, कर्तव्यनिष्ठा और किसानों से उनका घनिष्ठ संबंध सदैव याद रहेगा। सुरजेवाला के अनुसार, 'कांग्रेस परिवार का एक बरगद का पेड़ हमसे बिछड़ गया है।'

गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित चावड़ा और कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. तुषार चौधरी ने कहा कि पार्टी ने एक ऐसे वरिष्ठ नेता को खो दिया है जिन्होंने सहकारी क्षेत्र और पार्टी, दोनों में प्रभावी नेतृत्व दिया। कांग्रेस और BJP दोनों दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

सुरजेवाला ने ठुम्मर की बेटी और कांग्रेस नेता जेनी ठुम्मर सहित परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

राजनीतिक विरासत और परिवार

ठुम्मर की राजनीतिक विरासत उनकी बेटी जेनी ठुम्मर आगे ले जा रही हैं, जो स्वयं सक्रिय राजनीति में हैं। जेनी ने 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस की ओर से अमरेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में कांग्रेस अपने संगठन को पुनर्जीवित करने की कोशिश में लगी है और एक अनुभवी नेता का इस तरह जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उस स्तर का जनाधार और अनुभव बनाने में वक्त लगेगा। गौरतलब है कि 2022 में लाठी से मिली हार के बावजूद पार्टी संगठन में उनकी पकड़ बनी रही — यह किसी भी नेता की असली परीक्षा होती है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीरजी ठुम्मर कौन थे?
वीरजी ठुम्मर गुजरात के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अमरेली के पूर्व सांसद थे। उन्होंने 2004 से 2009 तक अमरेली लोकसभा क्षेत्र और 1990, 1995, 1998 में बाबरा तथा 2017 में लाठी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया।
वीरजी ठुम्मर का निधन कब और कैसे हुआ?
वीरजी ठुम्मर का निधन 7 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे उनके आवास पर हुआ। वे पिछले चार वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे और 67 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।
कांग्रेस नेताओं ने वीरजी ठुम्मर को किस तरह श्रद्धांजलि दी?
कांग्रेस के गुजरात प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने उन्हें 'कांग्रेस परिवार का बरगद का पेड़' बताया। गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित चावड़ा और विधायक दल नेता डॉ. तुषार चौधरी ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। BJP के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
वीरजी ठुम्मर की राजनीतिक विरासत कौन आगे ले जाएगा?
उनकी बेटी जेनी ठुम्मर सक्रिय राजनीति में हैं और उन्होंने 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस की ओर से अमरेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
वीरजी ठुम्मर की कांग्रेस संगठन में क्या भूमिका थी?
पार्टी संगठन में ठुम्मर महासचिव और उपाध्यक्ष रहे तथा किसान कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख भी रहे। वे अमरेली में सहकारी क्षेत्र से भी गहराई से जुड़े थे।
राष्ट्र प्रेस
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