हर्षद परमार ने ली गुजरात विधायक पद की शपथ, उमरेठ उपचुनाव में 30,000+ वोटों से जीत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनिर्वाचित विधायक हर्षद परमार ने मंगलवार, 26 मई 2026 को गुजरात विधानसभा की सदस्यता की शपथ ली। गांधीनगर स्थित विधानसभा परिसर में विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस शपथ के साथ परमार अब 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में उमरेठ विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि बन गए हैं।
शपथ समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, विधानसभा के मुख्य सचेतक बालकृष्ण शुक्ला, विधायी और संसदीय कार्य मंत्री ऋषिकेश पटेल सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य और विधायक उपस्थित रहे। यह समारोह पार्टी के लिए उमरेठ सीट पर ऐतिहासिक जनादेश की औपचारिक स्वीकृति का प्रतीक बना।
उपचुनाव का पृष्ठभूमि और परिणाम
उमरेठ विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव की आवश्यकता तब पड़ी जब मौजूदा विधायक गोविंद परमार का मार्च 2026 में बीमारी के कारण निधन हो गया। BJP ने दिवंगत विधायक के पुत्र हर्षद परमार को प्रत्याशी बनाया — यह उनका पहला बड़ा चुनावी मुकाबला था। 23 अप्रैल को हुए मतदान और 4 मई को हुई मतगणना में चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार हर्षद परमार को 85,500 मत मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान को 54,757 मत ही मिले। इस प्रकार परमार ने 30,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
BJP का मजबूत जनाधार और मतदान प्रतिशत
रिपोर्टों के अनुसार BJP ने इस निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 59 प्रतिशत मत हासिल किए। गौरतलब है कि 2017 के बाद से उमरेठ में BJP का जनाधार लगातार मजबूत होता रहा है। यह विधानसभा क्षेत्र आनंद जिले और आनंद लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं का मतदान केंद्रों तक पहुँचना भी उल्लेखनीय रहा।
परमार ने जीत पिता को समर्पित की
हर्षद परमार ने अपनी जीत अपने दिवंगत पिता को समर्पित करते हुए कहा, 'यह समर्थन मेरे पिता द्वारा वर्षों से निर्वाचन क्षेत्र में किए गए कार्यों से अर्जित सद्भावना को दर्शाता है। लोगों ने शुरू से ही मेरा साथ दिया और उनके आशीर्वाद और समर्थन से मैंने बड़े अंतर से जीत हासिल की।' उन्होंने मतदाताओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
आगे क्या
शपथ ग्रहण के साथ हर्षद परमार अब विधानसभा में अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। उमरेठ क्षेत्र की विकास परियोजनाओं और मतदाताओं की अपेक्षाओं पर उनकी विधायी सक्रियता आने वाले सत्रों में केंद्र में रहेगी।