क्या मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश ने बजट से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए केंद्रीय फंड की मांग की?

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क्या मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश ने बजट से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए केंद्रीय फंड की मांग की?

सारांश

मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सुदृढ़ करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री से अतिरिक्त फंड की मांग की है। क्या यह मांग आगामी बजट में पूरी होगी? जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में।

Key Takeaways

  • मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश ने केंद्र से अतिरिक्त फंड की मांग की।
  • बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।
  • केंद्रीय बजट २०२६-२७ के लिए सुझाव दिए गए।

आइजोल/ईटानगर, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों एवं वित्त मामलों के प्रभारी मंत्रियों ने नई दिल्ली में बजट से पूर्व की सलाह-मशविरा बैठक में भाग लिया।

मीटिंग के दौरान, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता की अपील की है।

आइजोल में एक अधिकारी ने बताया कि मिजोरम के मंत्री वनलालथलाना ने शनिवार को केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हुई प्री-बजट कंसल्टेशन मीटिंग में भाग लिया।

वनलालथलाना के साथ वित्त विभाग के उप सचिव रोसियामलियाना भी मौजूद थे।

ईटानगर में एक अधिकारी ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोवना मेन ने प्री-बजट कंसल्टेशन के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण से राज्य की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्राथमिकताओं के समर्थन की मांग की, साथ ही वित्तीय अनुशासन पर अपने मजबूत रिकॉर्ड को भी रेखांकित किया।

प्री-बजट कंसल्टेशन मीटिंग हर साल केंद्रीय बजट पेश होने से पहले सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुझाव प्राप्त करने के लिए आयोजित की जाती है।

मीटिंग में आगामी केंद्रीय बजट 202६-२७ पर भी चर्चा की गई, जिसे १ फरवरी, २०२६ को पेश किया जाना है, जिसमें प्रतिनिधियों ने अपनी प्राथमिकताएं और सुझाव साझा किए।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, मेघालय और सिक्किम जैसे कई मुख्यमंत्रियों ने भी मीटिंग में भाग लिया।

अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भी उपस्थित थे, साथ ही विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री भी थे।

इस बीच, संसद का बजट सत्र २८ जनवरी को प्रारंभ होगा और २ अप्रैल तक चलेगा।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि बजट सत्र का पहला चरण १३ फरवरी को समाप्त होगा, और संसद दूसरे चरण के लिए ९ मार्च को पुनः बैठेगी।

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने यह भी कहा कि बजट सत्र सार्थक बहस और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र सरकार की सिफारिश पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र २०२६ के लिए संसद के दोनों सदनों को बुलाने की स्वीकृति दे दी है।

Point of View

और सभी राज्यों को समान रूप से लाभ मिलना चाहिए।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश ने केंद्रीय फंड क्यों मांगा?
दोनों राज्यों ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग की है।
यह मीटिंग कब हुई?
यह मीटिंग ११ जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
कौन-कौन से मंत्री इस मीटिंग में शामिल हुए?
इस मीटिंग में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मिजोरम के मंत्री वनलालथलाना, और अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोवना मेन शामिल थे।
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