क्या मध्य प्रदेश के बैतूल में सड़क दुर्घटना में तीसरी कक्षा की छात्रा की मौत और 11 बच्चे घायल हुए?
सारांश
Key Takeaways
- सड़क सुरक्षा की आवश्यकता को समझना चाहिए।
- स्कूल वैन से संबंधित दुर्घटनाओं की जांच जरूरी है।
- स्थानीय समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
- अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
- सड़क पर अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है।
बेतूल, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बुधवार को एक सड़क दुर्घटना में एक स्कूली छात्रा की जान चली गई और कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह दुर्घटना जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर भैंसदेही थाना क्षेत्र में पूर्णा नदी के निकट हुई।
छात्रों को ले जा रही एक स्कूल वैन की टक्कर सामने से आ रहे एक वाहन से हो गई, जिससे वैन बुरी तरह पलट गई।
तीसरी कक्षा की छात्रा हर्षिता पाटनकर की मौके पर ही मौत हो गई। वैन में कुल 15 स्कूली बच्चे सवार थे, जिनमें से 11 बच्चे घायल हो गए, जिनमें से पांच की हालत गंभीर है।
पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और फंसे हुए बच्चों को बचाने में मदद की, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए पहले भैंसदेही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
चार गंभीर रूप से घायल लोगों को बाद में बेहतर इलाज के लिए बेतूल के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वैन के चालक सोनू पाटनकर भी इस टक्कर में घायल हुए।
हादसे में दोनों वाहनों को काफी नुकसान हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर अफरा-तफरी मची हुई थी और नदी किनारे सड़क पर मलबा बिखरा हुआ था।
पुलिस के अनुसार, सामने से आ रहे वाहन का चालक और एक अन्य व्यक्ति दुर्घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए।
अधिकारियों ने मामला दर्ज कर फरार चालक को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस ने दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू की है, जिसमें तेज गति, लापरवाही से वाहन चलाना, लापरवाही या असुरक्षित तरीके से ओवरटेकिंग जैसे संभावित कारक शामिल हैं।
देश भर में सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाती रहती है, जो कार्रवाई और बुनियादी सड़क अनुशासन में खामियों को उजागर करती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गति से वाहन चलाना, लापरवाही से गाड़ी चलाना, असुरक्षित तरीके से ओवरटेक करना और खराब रखरखाव वाले वाहन प्रमुख चिंता के साथ-साथ दुर्घटनाओं के कारण भी बने हुए हैं।
स्कूल वैन और बसों से जुड़ी लगातार दुर्घटनाओं ने सख्त जांच, सुरक्षित मार्गों और उल्लंघनकर्ताओं के लिए जवाबदेही की मांग को फिर से उठाया है।