क्या नए साल पर राजस्थान के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ ने ट्रैफिक जाम किया?

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क्या नए साल पर राजस्थान के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ ने ट्रैफिक जाम किया?

सारांश

राजस्थान के मंदिरों में नए साल के पहले दिन भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। गोविंद देवजी और मोती डूंगरी मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी। जानें इस धार्मिक उत्सव का संक्षिप्त विवरण।

Key Takeaways

  • राजस्थान के मंदिरों में भारी भीड़ का आस्था से सीधा संबंध है।
  • ट्रैफिक जाम की समस्या को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।
  • भक्तों का अनुभव और आस्था दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।

जयपुर, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नए साल के पहले दिन, राजस्थान के कई प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ नज़र आई। मंदिरों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं और शहर में भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।

जयपुर में सुबह 4 बजे से ही भक्त गोविंद देवजी मंदिर और मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर के बाहर लाइन में लगने लगे। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के चलते चारदीवारी वाले शहर में बड़ी चौपड़ और चांदी की टकसाल रोड पर जाम लग गया।

इलाके में आने वाले ज्यादातर वाहन गोविंद देवजी मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के थे। इसी तरह, सीकर में खाटूश्यामजी मंदिर के दरवाजे पिछले 6 दिनों से लगातार खुले हैं। गुरुवार को भी देर रात तक भक्तों को दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए, रिंगस से खाटू तक 17 किलोमीटर लंबा पैदल रास्ता बुधवार सुबह 10 बजे से 2 जनवरी सुबह 10 बजे तक पूरी तरह से नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। चित्तौड़गढ़ जिले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए, श्री सांवलियाजी मंदिर में आने वाले भक्तों को 2 जनवरी तक केवल मीरा सर्कल गेट से ही प्रवेश दिया जा रहा है।

इस बीच, नए साल के पहले दिन दौसा के मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने आशीर्वाद लिया।

कुल मिलाकर, पूरे राज्य के मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई, जो लोगों की गहरी आस्था और नए साल की पारंपरिक भक्ति को दर्शाता है। गुरुवार सुबह सवाई माधोपुर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर में नए साल के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ लग गई।

सुबह करीब 6 बजे मंदिर जाने वाली सड़क पर लगभग आधा किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतार लग गई, जिससे लंबा जाम लग गया। भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती रही, जिसके कारण ट्रैफिक काफी देर तक फंसा रहा।

कोटा के रंगबाड़ी में खाड़ी गणेश मंदिर में भक्त सुबह 5 बजे से ही पहुंचने लगे थे, लेकिन खराब मौसम के कारण भीड़ आम दिनों से कम थी। मंदिर के अधिकारियों का कहना है कि पिछले सालों की तुलना में इस साल भक्तों की संख्या काफी कम थी।

चूरू में सालासर बालाजी मंदिर नए साल के दर्शन के लिए सुबह 1 बजे खुल गया। सुबह 7 बजे तक, लगभग 70 हजार श्रद्धालु पहले ही दर्शन कर चुके थे। अधिकारियों का अनुमान है कि पूरे दिन में 1.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर आ सकते हैं।

जयपुर के ऐतिहासिक गोविंद देवजी मंदिर में भक्त मंगला झांकी दर्शन के लिए सुबह 4 बजे से ही कतार में लग गए। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई। नए साल के पहले दिन भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए परिवारों के आने से लंबी लाइनें लग गईं।

गोविंद देवजी मंदिर की ओर जाने वाली गाड़ियों की अचानक भीड़ के कारण सुबह 4 बजे के आसपास बड़ी चौपड़ पर ट्रैफिक जाम हो गया। तीर्थयात्री सुबह के दर्शन के लिए जा रहे थे, जिससे गाड़ियां बंपर-टू-बंपर खड़ी थीं।

Point of View

राजस्थान के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने न केवल आस्था को प्रदर्शित किया, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था को भी चुनौती दी। यह घटना दर्शाती है कि कैसे लोग अपने धार्मिक स्थलों के प्रति अपनी भक्ति को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन साथ ही, इसे प्रबंधित करने की आवश्यकता है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

राजस्थान के कौन से मंदिरों में भीड़ देखी गई?
मुख्य रूप से गोविंद देवजी मंदिर, मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर, खाटूश्यामजी मंदिर और सालासर बालाजी मंदिर में भीड़ देखने को मिली।
क्या ट्रैफिक जाम की स्थिति थी?
हां, मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और कई क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
भक्तों की संख्या में क्या अंतर था?
इस साल, कुछ जगहों पर भक्तों की संख्या पिछले सालों की तुलना में कम थी।
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