क्या राजनाथ सिंह ने खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त किया?
सारांश
Key Takeaways
- खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का अंत है।
- राजनाथ सिंह ने उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
- बेगम जिया ने 41 सालों तक बीएनपी का नेतृत्व किया।
- उनके योगदान को सभी राजनीतिक दलों ने मान्यता दी है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग का दौरा किया, जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं बीएनपी की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।
उन्होंने बांग्लादेश उच्चायोग में शोक-पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। विशेषज्ञों का मानना है कि बेगम जिया के निधन ने न केवल बांग्लादेश, बल्कि पूरे क्षेत्र की राजनीति में एक नए युग का आगाज़ किया है। राजनाथ सिंह ने लिखा कि भारत सरकार और भारतीय जनता इस कठिन समय में बेगम जिया के परिवार और बांग्लादेश के नागरिकों के साथ खड़ी है।
रक्षा मंत्री ने बेगम जिया के राजनीतिक योगदान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह क्षति बांग्लादेश की राष्ट्रीय राजनीति के लिए अत्यंत दुखद है। विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने उनके परिवार की दृढ़ता और साहस के लिए शुभकामनाएं दी हैं। खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं।
गौरतलब है कि 23 नवंबर को खालिदा जिया का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें ढाका स्थित एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खालिदा जिया ने 41 वर्षों तक बीएनपी का नेतृत्व किया और 1990 के दशक के तानाशाही-विरोधी आंदोलन के दौरान उन्हें 'समझौता न करने वाली लीडर' का खिताब मिला था। जिया ने पांच बार सांसद और तीन बार प्रधानमंत्री तथा दो बार विपक्ष की नेता के रूप में कार्य किया। जिया के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ढाका गए थे।
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया गंभीर बीमारियों से लंबे समय तक जूझने के बाद 31 दिसंबर 2025, बुधवार को निधन हो गईं। बेगम जिया के जनाजे में शामिल होने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर वहां पहुंचे हुए थे। उन्होंने बांग्लादेश में बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से भी मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक व्यक्तिगत पत्र सौंपा। भारत सरकार और जनता की ओर से गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गईं।