क्या हरियाणा के हांसी में 'सेशन डिवीजन' स्थापित होगा?
सारांश
Key Takeaways
- हरियाणा के हांसी में नया सेशन डिवीजन स्थापित किया जाएगा।
- यह निर्णय स्थानीय निवासियों के लिए न्याय तक पहुँच को बढ़ाएगा।
- न्यायपालिका गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
- न्यायिक अधिकारियों को मामलों का निपटारा सक्रिय और समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण से करना चाहिए।
चंडीगढ़, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को यह घोषणा की कि हरियाणा के हांसी में एक नया सेशन डिवीजन स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हांसी को राज्य का 23वां जिला बनने के बाद, यह स्थानीय निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा बनेगा। सेशन डिवीजन का निर्माण आम जनता के लिए न्याय तक पहुँच को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।
न्यायमूर्ति ने नारनौंद कस्बे में सब-डिवीजनल कोर्ट का उद्घाटन करते हुए न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और गणमान्य नागरिकों को संबोधित किया।
इस अवसर पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा, सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू भी उपस्थित थे।
न्यायमूर्ति ने कहा कि नारनौंद में सब-डिवीजनल कोर्ट की स्थापना अत्यधिक संतोषजनक है।
जनता को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायपालिका हर गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति के लिए न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। संविधान हर नागरिक को न्याय तक समान पहुँच की गारंटी देता है, और न्यायपालिका इसको सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
न्यायमूर्ति कांत ने न्यायिक अधिकारियों और वकीलों को यह अपील की कि न्याय प्रणाली में लोगों का विश्वास बढ़ाना और समय पर न्याय प्रदान करना उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने बदलते समय के साथ तालमेल बिठाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अधिवक्ताओं से कहा कि वे तेजी से हो रहे तकनीकी विकास के युग में तकनीकी ज्ञान से खुद को सुसज्जित करें।
न्यायमूर्ति कांत ने यह भी कहा कि न्यायिक अधिकारियों और वकीलों को लंबित मामलों का निपटारा सकारात्मक, सक्रिय और समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण से करना चाहिए।