क्या एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अभिषेक बनर्जी का दावा है, 'बंगाल में भाजपा का खेल खत्म'?

Click to start listening
क्या एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अभिषेक बनर्जी का दावा है, 'बंगाल में भाजपा का खेल खत्म'?

सारांश

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के खेल का अंत होने का दावा किया है। यह प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे चुनावी राजनीति में नए मोड़ की उम्मीद बंधी है। क्या यह वाकई भाजपा के लिए मुश्किलें पैदा करेगा?

Key Takeaways

  • भाजपा का एसआईआर खेल समाप्त
  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देश महत्वपूर्ण
  • टीएमसी का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास
  • मतदाता अधिकारों की सुरक्षा
  • आगामी चुनावों में टकराव की संभावना

कोलकाता, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को दिए गए निर्देशों पर प्रतिक्रिया में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को कहा कि राज्य में भाजपा का “एसआईआर खेल” अब समाप्त हो चुका है।

उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि भाजपा को अदालत में हार का सामना करना पड़ा है और आने वाले समय में वह चुनावों में भी पराजित होगी।

उन्होंने कहा, “आज मैंने सुना कि सुप्रीम कोर्ट ने एआईटीसी (तृणमूल कांग्रेस) की मांग को मान लिया है और तार्किक विसंगतियों की सूची प्रकाशित करने का आदेश दिया है। मेरी जानकारी के अनुसार, बीएलए-2 को भी सुनवाई केंद्र में अनुमति दी जाएगी। बंगाल में भाजपा का एसआईआर खेल समाप्त हो गया है। जिन एक करोड़ नामों को हटाने का लक्ष्य बनाया गया था, वे बचा लिए गए हैं। यह जीत बंगाल के लोगों की है। हमारे मतदान अधिकारों को खतरे में डाला जा रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त फटकार लगाई है।”

टीएमसी के लोकसभा सांसद ने कहा कि पिछले वर्ष 21 दिसंबर को पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें वह स्वयं भी शामिल थे, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी।

बनर्जी ने कहा, “बैठक में यह सुझाव दिया गया था कि तार्किक विसंगतियों की सूची प्रकाशित की जाए। यदि सूची प्रकाशित की जाती, तो सच्चाई सामने आ जाती। हमने यह भी कहा था कि एआईटीसी का बीएलए-2 सुनवाई स्थल पर मौजूद रहेगा, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसे खारिज कर दिया। हमने स्पष्ट किया था कि यदि दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए, तो एआईटीसी सुनवाई केंद्र नहीं छोड़ेगी। आज मुझे बहुत खुशी है।”

भाजपा और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में विधानसभा चुनावों में उन्हें वोटों से हराया जाएगा। यह उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश या गुजरात नहीं है। यह वह धरती है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन और पुनर्जागरण का मार्ग दिखाया है। हम बाहरी लोगों के सामने सिर नहीं झुकाते। बंगाल के लोग न तो अपनी रीढ़ बेचते हैं और न ही गुलामी में जीना जानते हैं।”

अभिषेक बनर्जी की यह प्रतिक्रिया उस समय आई है, जब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को निर्देशों का एक सेट जारी किया। अदालत ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में रखे गए लोगों का सत्यापन पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी या तनाव न हो।

अदालत ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि जिन लोगों को गणना प्रपत्रों में ‘तार्किक विसंगतियों’ का हवाला देते हुए नोटिस भेजे गए हैं, उनकी सूची पंचायत और ब्लॉक कार्यालयों में प्रकाशित की जाए।

कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि लगभग 1.25 करोड़ नोटिस विभिन्न लोगों को भेजे गए हैं, जिनमें माता-पिता के नामों में असंगति, माता-पिता के साथ कम आयु अंतर, या बताए गए माता-पिता के छह से अधिक संतान होने जैसी विसंगतियां शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों को निर्वाचन आयोग से नोटिस मिले हैं, वे अपने दस्तावेज या आपत्तियां अपने अधिकृत एजेंट के माध्यम से जमा कर सकते हैं। ये एजेंट बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी हो सकते हैं। एजेंट की नियुक्ति हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान वाले पत्र के जरिए की जानी होगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है। भाजपा को चुनावों में चुनौती मिलेगी, लेकिन यह देखना होगा कि टीएमसी इस अवसर का लाभ कैसे उठाती है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

एसआईआर प्रक्रिया क्या है?
एसआईआर प्रक्रिया विशेष गहन पुनरीक्षण का एक हिस्सा है, जिसमें मतदाता सूची की जांच की जाती है।
अभिषेक बनर्जी का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि भाजपा का 'एसआईआर खेल' खत्म हो गया है और आने वाले चुनावों में उन्हें हराया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तार्किक विसंगतियों की सूची को पारदर्शी तरीके से प्रकाशित किया जाए।
भाजपा को चुनावों में क्या चुनौती मिलेगी?
भाजपा को मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा के मुद्दे पर चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
टीएमसी की रणनीति क्या होगी?
टीएमसी अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए इस मुद्दे का लाभ उठाने की कोशिश करेगी।
Nation Press