क्या हिंदू समाज के सभी लोगों को एक साथ नहीं चलना चाहिए: युद्धवीर?
सारांश
Key Takeaways
- हिंदू समाज को एकजुट होना चाहिए।
- जाति भेद को पार करना आवश्यक है।
- समाज में समरसता और सहयोग का भाव होना चाहिए।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य हिंदू समाज का सर्वांगीण विकास है।
- भारत का मूल विचार अध्यात्म है।
लखनऊ, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू समाज के सभी लोगों को एक साथ मिलकर चलना आवश्यक है। समाज को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए और समरसता का भाव विकसित करना चाहिए। राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान हेतु जाति भेद को पार करते हुए हिंदू समाज को एकजुट होना होगा। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर ने रविवार को सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ में आयोजित हिंदू सम्मेलन में कहा।
युद्धवीर ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में समरसता निर्माण के लिए सेवा कार्य कर रहा है। अलीगंज हनुमान मंदिर के आंज्जानेय मंडपम में आयोजित इस हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अशोक दुबे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ. अशोक दुबे ने कहा कि हिंदू समाज का संपूर्ण विकास कर भारत को परमवैभव की ओर ले जाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की दिशा में संघ ने स्थापना काल से कार्य किया है।
उन्होंने बताया कि संघ का 100 वर्षों का विचार यात्रा शक्ति और विश्वास की यात्रा है। भारत का मूल विचार अध्यात्म है, जो सबको एक साथ लेकर चलने की दिशा में है। हम सर्वे भवन्तु सुखिन: और वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत का पालन करते हैं। संतों ने इसी प्रवाह को आगे बढ़ाने का कार्य किया।
इस हिंदू सम्मेलन को चिन्मय मिशन के कौशिक चैतन्य और नवयुग कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर मंजुला उपाध्याय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय पाण्डेय ने की।