हॉर्नबिल फेस्टिवल 2026: 27वें संस्करण की तैयारी शुरू, 1–10 दिसंबर को किसामा में होगा भव्य आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
नगालैंड के प्रतिष्ठित हॉर्नबिल फेस्टिवल के 27वें संस्करण की तैयारियाँ औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। अधिकारियों ने 14 अक्टूबर 2026 को जानकारी दी कि यह दस दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव 1 से 10 दिसंबर 2026 तक किसामा के नागा हेरिटेज विलेज में आयोजित किया जाएगा, जो राजधानी कोहिमा से करीब 12 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह आयोजन नगालैंड के स्थापना दिवस, 1 दिसंबर के साथ-साथ मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री की तैयारी बैठक
मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने किसामा के बांस हॉल में आयोजित एक समन्वय बैठक में सरकारी विभागों और स्थानीय समुदायों के बीच मज़बूत तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अच्छी सड़कें, निर्बाध बिजली एवं जल आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पार्किंग सुविधाओं और सार्वजनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
रियो ने स्थानीय गाँवों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों से गुज़रने वाले राजमार्गों की सफाई की जिम्मेदारी खुद उठाएँ। उन्होंने कहा कि सामूहिक भागीदारी के बिना इतने बड़े आयोजन की सफलता संभव नहीं है।
फेस्टिवल का महत्व और विस्तार
मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं 'ईडान' (नागालैंड निवेश और विकास प्राधिकरण) के अध्यक्ष अबू मेथा ने हॉर्नबिल फेस्टिवल को नगालैंड की 'मूल्यवान बौद्धिक संपदा' करार देते हुए बताया कि यह राज्य का सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है। उनके अनुसार, यह आयोजन शुरुआत में केवल तीन दिनों का था, जिसे बाद में पाँच और फिर दस दिनों तक विस्तारित किया गया।
आज इस महोत्सव में पूरे नगालैंड के दर्जनों स्थानों पर 300 से अधिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। मेथा ने इसे आर्थिक गतिविधि और रोज़गार सृजन के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और पार्टनर स्टेट
पर्यटन मंत्री तेमजेन इम्ना अलॉन्ग ने बताया कि इस वर्ष कई देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। साथ ही पूर्वोत्तर के एक राज्य को 'पार्टनर स्टेट' के रूप में आमंत्रित किया जाएगा, हालाँकि उस राज्य का नाम अभी घोषित नहीं किया गया है। अलॉन्ग ने मिनी-हॉर्नबिल फेस्टिवल की बढ़ती लोकप्रियता और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की बढ़ती रुचि को भी रेखांकित किया।
नगालैंड की जनजातीय विरासत का उत्सव
हॉर्नबिल पक्षी के नाम पर रखा गया यह फेस्टिवल नगालैंड की सभी 17 प्रमुख जनजातियों और उनकी उप-जनजातियों को एक मंच पर लाता है। 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की लगभग 20 लाख आबादी में से 86 प्रतिशत से अधिक आदिवासी हैं। यह महोत्सव पारंपरिक रीति-रिवाज़ों, स्वदेशी कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और व्यंजनों का जीवंत प्रदर्शन करता है।
यह आयोजन देश-विदेश के पर्यटकों को नगालैंड की स्थायी परंपराओं से जोड़ने का सबसे बड़ा वार्षिक अवसर है। 1 दिसंबर 2026 से शुरू होने वाले इस महोत्सव की तैयारी अभी से शुरू होना संगठन की गंभीरता और पर्यटन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।