24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आईआईटी दिल्ली के 650 एल्युमनी सिविल सर्वेंट और 270 से ज्यादा आईएएस अधिकारी हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आईआईटी दिल्ली के 650 एल्युमनी सिविल सर्वेंट और 270 से ज्यादा आईएएस अधिकारी हैं?

सारांश

क्या आईआईटी दिल्ली के 650 से अधिक पूर्व विद्यार्थी सिविल सेवाओं में हैं? जानें इस रिपोर्ट में उनके योगदान और प्रभाव के बारे में।

मुख्य बातें

आईआईटी दिल्ली के 650 से अधिक पूर्व विद्यार्थी सिविल सेवाओं में हैं।
270 से अधिक पूर्व विद्यार्थी आईएएस अधिकारी हैं।
रिपोर्ट में आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों के योगदान को दर्शाया गया है।
आईआईटी दिल्ली ने 68वां स्थापना दिवस मनाया।
अक्षय निधि में 477 करोड़ रुपए के दान का वादा किया गया है।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान में आईआईटी के 650 से अधिक पूर्व विद्यार्थी सिविल सेवाओं में कार्यरत हैं। इनमें 270 से अधिक आईएएस अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 100 से अधिक आईपीएस, आईआरएस और आईएफएस अधिकारी भी इस संस्थान के पूर्व विद्यार्थी हैं। आईआईटी दिल्ली के लगभग 10,000 पूर्व विद्यार्थी बैंकिंग और वित्त, विनिर्माण और इंजीनियरिंग उद्योगों में उच्च पदों पर कार्य कर रहे हैं। इनमें से 70 प्रतिशत पूर्व विद्यार्थी भारत में निवास करते हैं। इसके अलावा, एक हजार से अधिक पूर्व विद्यार्थी बड़े और विविध कॉर्पोरेट सिस्टम्स के बोर्डरूम में कार्यरत हैं। यह जानकारी आईआईटी की 'एल्युमनी इम्पैक्ट रिपोर्ट' में प्रस्तुत की गई है।

आईआईटी दिल्ली ने मंगलवार को अपनी पहली 'एल्युमिनी इम्पैक्ट रिपोर्ट' का प्रकाशन किया। यह रिपोर्ट संस्थान की स्थापना से लेकर अब तक के 65,000 से अधिक पूर्व विद्यार्थियों की असाधारण यात्रा और योगदान को दर्शाने वाला एक व्यापक दस्तावेज है। 'एल्युमिनी इम्पैक्ट रिपोर्ट' का अनावरण आईआईटी दिल्ली के पूर्व विद्यार्थी डॉ. गुरतेज एस. संधू और निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने किया।

आईआईटी दिल्ली ने 68वां स्थापना दिवस मनाया है। इसी अवसर पर यह रिपोर्ट जारी की गई। इस मौके पर डॉ. गुरतेज एस. संधू ने बताया, “पूर्व विद्यार्थी अगली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल के रूप में देखे जाते हैं। वे संस्थानों को कई तरीकों से मदद कर सकते हैं, जैसे मार्गदर्शन देकर और अपनी कंपनियों के माध्यम से आईआईटी से जुड़कर। आईआईटी की विश्वव्यापी पहचान है। लोग इसे जानते हैं, और पूर्व विद्यार्थी इसकी पहचान को और मजबूत करते हैं।”

इसी समय, प्रो. रंगन बनर्जी ने बताया कि पूर्व विद्यार्थियों का योगदान देश और दुनिया में कैसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट यह दर्शाती है कि आईआईटी दिल्ली के उपाधि प्राप्त विद्यार्थी 65 से अधिक वर्षों में वैश्विक लीडर्स और उद्यमियों के रूप में गहरा प्रभाव डालते हैं।

उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली का प्राथमिक उद्देश्य हमेशा से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उद्योगों से जुड़ना रहा है। प्रारंभिक वर्षों से तकनीकी शिक्षा में वैश्विक अग्रणी के रूप में आईआईटी दिल्ली ने वैश्विक 'यूनिकॉर्न' ईकोसिस्टम के लिए एक प्रमुख इंजन का कार्य किया है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि इस संस्थान से 2,500 से अधिक कंपनियों के संस्थापक और सह-संस्थापक हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी दिल्ली के पूर्व विद्यार्थी आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रमुख ब्रांड बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने 4.8 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजन में योगदान दिया है। रिपोर्ट में आईआईटी के पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के दिग्गजों का उल्लेख है, जिन्होंने वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आईआईटी दिल्ली का प्रभाव न केवल भारतीय शासन व्यवस्था में, बल्कि वैश्विक शिक्षा के क्षेत्र में भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

इसके अतिरिक्त, आईआईटी दिल्ली के 250 से अधिक पूर्व छात्र भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, नियामक निकायों और वैज्ञानिक मिशनों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा में भी संस्थान का योगदान महत्वपूर्ण है। आईआईटी दिल्ली में नौसेना निर्माण विंग ने भारतीय नौसेना के लिए 700 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 50 से अधिक पूर्व विद्यार्थी क्यूएस शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं, जबकि 300 से अधिक पूर्व विद्यार्थी अन्य आईआईटी में फैकल्टी के पदों पर हैं।

रिपोर्ट में आईआईटी दिल्ली के अक्षय निधि की सफलता पर भी प्रकाश डाला गया है। यह निधि पूर्व विद्यार्थियों द्वारा रिसर्च के विकास के लिए दी जाती है। वर्तमान में, इसमें पूर्व छात्रों द्वारा 477 करोड़ रुपए के दान के वादे दर्ज हैं। इनमें से 338 करोड़ रुपए पहले ही आईआईटी को मिल चुके हैं। आईआईटी दिल्ली के 2000 बैच ने दिसंबर 2025 में अपने सिल्वर जुबली रीयूनियन के दौरान 70 करोड़ रुपए से अधिक देने का वादा किया है। इससे रिसर्चर्स को 75 से अधिक अकादमिक चेयर्स और 115 से अधिक पुरस्कार प्राप्त होंगे।

इसके अलावा, योग्य विद्यार्थियों की सहायता के लिए 137 से अधिक छात्रवृत्तियाँ और अंतरराष्ट्रीय यात्रा अनुदान भी प्रदान किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रहे हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटी दिल्ली के कितने पूर्व विद्यार्थी सिविल सेवाओं में हैं?
वर्तमान में आईआईटी के 650 से अधिक पूर्व विद्यार्थी सिविल सेवाओं में कार्यरत हैं।
आईआईटी दिल्ली के कितने पूर्व विद्यार्थी आईएएस अधिकारी हैं?
आईआईटी दिल्ली के 270 से अधिक पूर्व विद्यार्थी आईएएस अधिकारी हैं।
आईआईटी दिल्ली के पूर्व विद्यार्थियों का योगदान क्या है?
पूर्व विद्यार्थी न केवल सिविल सेवाओं में, बल्कि बैंकिंग , विनिर्माण और इंजीनियरिंग उद्योग में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
आईआईटी दिल्ली की एल्युमनी रिपोर्ट में क्या शामिल है?
रिपोर्ट में पूर्व विद्यार्थियों की यात्रा, योगदान और आईआईटी की पहचान को दर्शाया गया है।
आईआईटी दिल्ली के पूर्व विद्यार्थियों द्वारा कितनी छात्रवृत्तियाँ दी जा रही हैं?
आईआईटी दिल्ली के पूर्व विद्यार्थियों द्वारा 137 से अधिक छात्रवृत्तियाँ और अंतरराष्ट्रीय यात्रा अनुदान प्रदान किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले