इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026: भारत की तकनीकी प्रतिभा और डिजिटल क्षमता पर वैश्विक विशेषज्ञों का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एकत्रित वैश्विक तकनीकी कंपनियों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भारत की बढ़ती डिजिटल क्षमता, तकनीकी प्रतिभा और दूरसंचार क्षेत्र में उभरते अवसरों को रेखांकित किया। प्रतिनिधियों ने एकमत से कहा कि भारत अब केवल एक विशाल उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक तकनीकी नवाचार और विनिर्माण का एक उभरता हुआ केंद्र बन चुका है।
उद्योग जगत का उत्साह और आईएमसी की बढ़ती प्रासंगिकता
डिक्सन टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं उपाध्यक्ष अतुल बी. लाल ने कहा कि IMC का आकार और प्रभाव पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा, "भारत में मौजूद संभावनाओं को लेकर सभी हितधारकों में गहरा उत्साह है और उद्योग जगत आने वाले अवसरों को लेकर बेहद आशावादी है।" लाल ने यह भी बताया कि डिक्सन टेक्नोलॉजीज के लिए दूरसंचार क्षेत्र एक उच्च विकास वाला क्षेत्र बनने जा रहा है, और कंपनी टेलीकॉम नेटवर्क तथा डेटा सेंटर्स में उपयोग होने वाले गहरे तकनीकी उत्पादों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
गौरतलब है कि डिक्सन टेक्नोलॉजीज ने हाल ही में एक अमेरिकी कंपनी के साथ माइक्रोवेव रेडियो प्रौद्योगिकी से जुड़ा लाइसेंसिंग समझौता किया है, जो कंपनी की भविष्य की विकास योजनाओं का अहम हिस्सा है।
5जी से 6जी तक — सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी
भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की मोइरांगथेम मणितोम्बी देवी ने कहा कि IMC नई तकनीकों को समझने और भविष्य के अवसरों को परखने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। उन्होंने कहा, "चाहे 5जी हो या 6जी, ऐसे आयोजन संगठनों, उद्यमियों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को यह समझने का मौका देते हैं कि आगे कौन कौन से अवसर उपलब्ध हैं और किस दिशा में काम किया जा सकता है।" यह ऐसे समय में आया है जब भारत में 5जी का विस्तार तेजी से हो रहा है और 6जी की तैयारी पर नीतिगत चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
वैश्विक कंपनियों का नज़रिया — नोकिया और एनरित्सु
नोकिया इंडिया की कंट्री मैनेजर विभा मेहरा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा करीब एक दशक पहले शुरू किया गया IMC आज दूरसंचार उद्योग के सबसे प्रमुख वैश्विक आयोजनों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा, "नोकिया शुरुआत से इस आयोजन का हिस्सा रहा है और हर वर्ष यहाँ अपनी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन करता है। यह मंच ग्राहकों, साझेदारों और स्टार्टअप्स को नई तकनीकों को करीब से देखने और समझने का अवसर देता है।"
जापान की एनरित्सु कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ प्रबंधक हिरोयुकी काटो ने कहा कि विशेष रूप से सॉफ्टवेयर क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि इसी क्षमता को देखते हुए एनरित्सु ने भारत में सॉफ्टवेयर विकास के लिए एक समर्पित टीम स्थापित की है।
जीएसएमए और सैटेलाइट संचार की उभरती भूमिका
जीएसएमए (GSMA) की नीति एवं विनियमन प्रमुख माइकेला एंगोनियस ने कहा कि भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था के निर्माण में कनेक्टिविटी को आधार बनाकर आगे बढ़ रहा है और इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, "भारत ने युवा पीढ़ी को परंपरागत सोच से आगे बढ़कर नए समाधान विकसित करने का अवसर दिया है, यही वजह है कि स्टार्टअप्स और नवाचार के क्षेत्र में भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।" एंगोनियस ने यह भी बताया कि इस बार सैटेलाइट संचार IMC 2026 में चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय रहा है और भविष्य में यह संचार क्षेत्र का अहम हिस्सा बन सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व — इराक के कुर्दिस्तान से भी जुड़ाव
हलाब्जा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधि खलील हयास राशिद ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए IMC 2026 में भाग लिया। उन्होंने कहा, "यह एक उत्कृष्ट प्रदर्शनी है और यहाँ तकनीक तथा व्यापार से जुड़े व्यापक अवसर देखने को मिल रहे हैं।" इससे स्पष्ट होता है कि IMC न केवल एशिया प्रशांत, बल्कि मध्य पूर्व के देशों के लिए भी एक प्रासंगिक मंच बनता जा रहा है।
आने वाले वर्षों में IMC के और अधिक विस्तृत होने और भारत के तकनीकी नेतृत्व को वैश्विक मान्यता मिलने की उम्मीद है, जो देश को 'डिजिटल इंडिया' के अगले चरण की ओर ले जा सकता है।