ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की निकासी में अजरबैजान का भारत को समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली/बाकू, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षित निकासी में सहायता के लिए अजरबैजान सरकार का गहरा आभार व्यक्त किया है।
नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि लगभग 204 भारतीय नागरिक सफलतापूर्वक ईरान से अजरबैजान में दाखिल हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि कई भारतीय पहले ही देश लौट चुके हैं, जबकि अन्य के आने की उम्मीद अगले कुछ दिनों में है।
जायसवाल ने कहा, "अजरबैजान में हमारे राजदूत मौजूद हैं। हमारे 204 नागरिक—जो ईरान से अजरबैजान के लिए जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते निकले हैं—वापस लौटेंगे। इनमें से कई तो पहले ही लौट चुके हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हम अजरबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने जमीनी रास्ते से भारतीय नागरिकों की निकासी में सहायता की। हमारे बीच निरंतर संवाद और आदान-प्रदान होता रहता है।"
बुधवार को, भारत के राजदूत अभय कुमार ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बैरामोव से मुलाकात की और औपचारिक रूप से अपने 'परिचय पत्र की एक प्रति' प्रस्तुत की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर महत्वपूर्ण चर्चा की।
अजरबैजान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में अजरबैजान-भारत के बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति का समीक्षा किया गया और आगे के सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।
दोनों पक्षों ने मध्य पूर्व में जारी तनाव पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय राजदूत ने ईरान से नागरिकों को निकालने में अजरबैजान सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
पिछले महीने, विदेश मंत्रालय ने बताया था कि ईरान में फंसे कम से कम 882 भारतीय नागरिक—जिनमें छात्र, पेशेवर और तीर्थयात्री शामिल हैं—अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते अपने घर लौट आए हैं।