भारत ने नेपाल के सफल चुनाव के लिए दी बधाई, लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना

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भारत ने नेपाल के सफल चुनाव के लिए दी बधाई, लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना

सारांश

भारत ने नेपाल में हाल ही में संपन्न चुनावों का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की और नेपाल की जनता को बधाई दी गई है। चुनावों का सफल आयोजन महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का प्रतीक है।

Key Takeaways

  • भारत ने नेपाल के चुनावों का स्वागत किया।
  • प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को बधाई दी गई।
  • मतदान प्रतिशत लगभग 60 प्रतिशत था।
  • 1.89 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे।
  • चुनाव शांतिपूर्ण वातावरण में हुए।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने नेपाल में गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुए चुनाव का स्वागत किया और नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की, सरकार और जनता को बधाई दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को बताया, "नेपाल के नागरिकों ने आज अपने लोकतांत्रिक अधिकार का बड़े उत्साह से उपयोग किया। हम इन चुनावों की सफलता का स्वागत करते हैं। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की, नेपाल सरकार, जनता और विभिन्न हितधारकों को इन चुनावों के सफल आयोजन के लिए बधाई देते हैं, जो पिछले वर्ष की असाधारण परिस्थितियों में हुए।"

उन्होंने आगे कहा, "भारत ने हमेशा नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का समर्थन किया है और नेपाल सरकार के अनुरोध पर इन चुनावों के लिए लॉजिस्टिक आपूर्ति भी प्रदान की है। हम नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों और उनकी जनता के बीच मजबूत और बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने की आशा करते हैं।"

नेपाल में संपन्न हुए संसदीय चुनाव शांतिपूर्ण वातावरण में हुए, हालांकि मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा।

कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मतदान प्रतिशत लगभग 60 प्रतिशत होने का अनुमान है। यदि अंतिम आंकड़े भी यही दिखाते हैं, तो यह 1991 के चुनावों के बाद सबसे कम मतदान होगा। पिछले 2022 के चुनावों में मतदान प्रतिशत 61.41 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि डेटा इकट्ठा करने का काम अभी जारी है।

उन्होंने कहा, "मतदान प्रक्रिया के बाद, मतपेटियों को सुरक्षित रूप से एकत्रित करने के तुरंत बाद मतगणना शुरू कर दी जाएगी।"

निर्वाचन आयोग ने कहा कि 15 जिलों के दूरदराज क्षेत्रों से मतपेटियों को हेलीकॉप्टर से लाया जाएगा।

आयोग के अनुसार, देश में कुल 1.89 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। कुछ मतदान केंद्रों पर लोगों ने चुनाव का बहिष्कार भी किया, क्योंकि वे विकास कार्यों में सरकार की विफलता से असंतुष्ट थे।

भंडारी ने कहा, "यह निर्वाचन आयोग से नाराज़गी नहीं है, बल्कि सरकार से है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।"

ये नए चुनाव निर्धारित समय से लगभग दो वर्ष पहले कराए गए। पिछले वर्ष सितंबर में हुए जेन-जी आंदोलन के कारण नई राजनीतिक स्थिति उत्पन्न हुई, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया।

इसके बाद प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व में वर्तमान अंतरिम सरकार का गठन हुआ। प्रधानमंत्री बनने के बाद, जेन-जी नेताओं की मांग पर निचले सदन को भंग कर दिया गया और उन्हें छह महीने के भीतर नए चुनाव कराने का दायित्व दिया गया।

इन चुनावों में 1.89 करोड़ से अधिक लोग मतदान के पात्र थे, जिनमें 9,15,119 नए पंजीकृत मतदाता शामिल हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, नए पंजीकृत मतदाताओं में दो-तिहाई से अधिक जेन-जी आयु वर्ग के हैं, जिससे 2026 के चुनावों से पहले युवाओं की भागीदारी में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई। ये चुनाव 23,112 मतदान केंद्रों पर आयोजित किए गए।

फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (एफपीटीपी) प्रणाली के तहत 3,406 उम्मीदवार चुनाव में हैं, जबकि 3,135 उम्मीदवार प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम के तहत चुनाव लड़ रहे हैं।

Point of View

जो दो पड़ोसी देशों के बीच मजबूत संबंधों की दिशा में एक कदम है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

नेपाल में चुनाव कब हुए?
नेपाल में चुनाव 5 मार्च को हुए।
भारत ने नेपाल के चुनावों का स्वागत क्यों किया?
भारत ने नेपाल के चुनावों का स्वागत लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावों के सफल आयोजन के लिए किया।
नेपाल में मतदान प्रतिशत कितना था?
नेपाल में अनुमानित मतदान प्रतिशत लगभग 60 प्रतिशत था।
नेपाल में चुनावों में कितने मतदाता थे?
नेपाल में कुल 1.89 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे।
ये चुनाव किस प्रणाली के तहत हुए?
ये चुनाव फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (एफपीटीपी) प्रणाली के तहत हुए।
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