वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय रेलवे ने 741 करोड़ यात्रियों को सफर कराया, विद्युतीकरण 99.6%25 तक पहुंचा
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय रेलवे ने 741 करोड़ यात्रियों को सफर कराया।
- विद्युतीकरण का स्तर 99.6 प्रतिशत है।
- प्रति दिन 25,000 ट्रेनों का संचालन होता है।
- वंदे भारत एक्सप्रेस ने 9.1 करोड़ यात्रियों को यात्रा कराई।
- अमृत भारत एक्सप्रेस किफायती यात्रा विकल्प प्रदान करती है।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, भारतीय रेलवे ने 741 करोड़ यात्रियों को सफर कराया है और ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। इस प्रणाली में प्रतिदिन लगभग 25,000 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यह जानकारी सरकार द्वारा बुधवार को साझा की गई।
आधिकारिक घोषणा में बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष में कुल आय लगभग 80,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, और कुल माल ढुलाई 1,670 मिलियन टन (एमटी) तक बढ़ गई है।
साल 2014 तक, भारत के रेलवे नेटवर्क का मात्र 20 प्रतिशत ही विद्युतीकृत था, जिससे परिचालन दक्षता में कमी और डीजल ईंधन पर अधिक निर्भरता रही। मार्च 2026 तक, 69,873 रूट किलोमीटर (आरकेएम) का विद्युतीकरण हो चुका है, जबकि 2014 में यह 21,801 आरकेएम था।
सरकार ने बताया कि रेलवे विद्युतीकरण के कारण 2024-25 में लगभग 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई, जिससे कच्चे तेल के आयात में कमी आई और लगभग 6,000 करोड़ रुपए की बचत हुई।
विद्युतीकरण का स्तर अब ब्रिटेन (39 प्रतिशत), रूस (52 प्रतिशत) और चीन (82 प्रतिशत) से अधिक है।
कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली अब 3,100 किलोमीटर से अधिक मार्गों पर लागू हो चुकी है, और 24,400 किलोमीटर अतिरिक्त मार्गों पर इसका कार्यान्वयन जारी है।
वीडियो निगरानी प्रणाली (वीएसएस) का विस्तार 1,874 रेलवे स्टेशनों तक किया गया है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए एआई-आधारित विश्लेषण और चेहरे की पहचान तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली (आईपीआईएस), जो राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) से जुड़ी है, अब 1,405 स्टेशनों पर लागू की गई है। इस प्रणाली से समय पर घोषणाएं और यात्रियों के साथ बेहतर संवाद सुनिश्चित होता है।
सरकार ने बताया कि पिछले दशक में ट्रैक अवसंरचना को स्ट्रैटेजिक रूप से मजबूत किया गया है। 2014-26 के दौरान, 54,600 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का नवीनीकरण हुआ, जिससे विश्वसनीयता और परिचालन प्रदर्शन में सुधार हुआ है।
110 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति सहन करने में सक्षम ट्रैक की लंबाई 31,445 किमी से बढ़कर 85,000 किमी से अधिक हो गई है।
जनवरी 2026 में शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर सेवा ने अपने पहले तीन महीनों में 119 ट्रिप में 1.21 लाख यात्रियों को ढोया।
वित्त वर्ष 2025-26 में वंदे भारत एक्सप्रेस नेटवर्क पर लगभग 3.98 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की, जो यात्रियों के उपयोग में एक मजबूत वृद्धि को दर्शाता है। अपनी शुरुआत से लेकर अब तक, वंदे भारत एक्सप्रेस ने 1 लाख ट्रिप में 9.1 करोड़ से अधिक यात्रियों को ढोया है।
निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को किफायती परिवहन उपलब्ध कराने के लिए, भारतीय रेलवे ने अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू की है — ये पूरी तरह से नॉन-एसी आधुनिक ट्रेनें हैं, जो किफायती यात्रा विकल्पों को बनाए रखते हुए आराम और सुरक्षा में सुधार के लिए डिजाइन की गई हैं।
18 मार्च, 2026 तक, भारतीय रेलवे नेटवर्क पर 60 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं संचालित हो रही हैं।