क्या आईआरसीटीसी घोटाले में राबड़ी देवी के केस को ट्रांसफर किया जाएगा?
सारांश
Key Takeaways
- राबड़ी देवी की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया गया है।
- जज पर पक्षपात का आरोप लगाया गया है।
- मामला जटिल होता जा रहा है।
नई दिल्ली, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आईआरसीटीसी घोटाला मामले में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने केस को किसी अन्य जज के पास ट्रांसफर करने की मांग की है। इस मांग पर राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को सीबीआई को नोटिस जारी किया है।
राबड़ी देवी ने सोमवार को याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सुनवाई कर रहे जज विशाल गोगने पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्य कर रहे हैं और न्यायिक दृष्टिकोण उनके प्रति निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने केस किसी अन्य जज को सौंपने की मांग की है।
यह मामला रेल होटल आवंटन में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इस केस में राबड़ी देवी, उनके पति और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य कई लोग आरोपी हैं। जज विशाल गोगने इस समय इस मामले में आरोप तय करने और सुनवाई का कार्य कर रहे हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब राबड़ी देवी और लालू परिवार ने कोर्ट में याचिका दायर की है। इससे पहले 11 नवंबर को अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने दैनिक सुनवाई पर रोक लगाने या राहत देने की मांग की थी। उस समय अदालत ने कहा था कि याचिका सुनवाई योग्य, व्यावहारिक या न्यायिक नहीं है।
अब राबड़ी देवी द्वारा केस ट्रांसफर की मांग ने मामले को और जटिल बना दिया है। अदालत ने याचिका पर नोटिस जारी कर सीबीआई से जवाब देने के लिए कहा है। अगली सुनवाई में इस पर चर्चा होगी कि केस ट्रांसफर किया जाएगा या सुनवाई वहीं जारी रहेगी।
राबड़ी देवी का कहना है कि जज का पूर्व निर्धारित नजरिया केस पर प्रभाव डाल रहा है, जबकि सीबीआई और अदालत यह सुनिश्चित करने पर जोर दे रहे हैं कि सुनवाई संविधान और कानून के अनुसार निष्पक्ष हो।