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इसरो के प्रमुख वी. नारायणन ने गगनयान से पूर्व तीन मानवरहित मिशनों की घोषणा की

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इसरो के प्रमुख वी. नारायणन ने गगनयान से पूर्व तीन मानवरहित मिशनों की घोषणा की

सारांश

भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान से पहले, इसरो के प्रमुख वी. नारायणन ने तीन मानवरहित मिशनों की योजना का खुलासा किया है। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में की गई। जानें मिशनों के महत्व और नई तकनीकों के विकास के बारे में।

मुख्य बातें

गगनयान से पहले तीन अनक्रूड मिशन भेजे जाएंगे।
नए तकनीकी विकास की आवश्यकता है।
इसरो का यह कदम अंतरिक्ष अन्वेषण में महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन में 400 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
मिशन ऑपरेशंस का महत्व अत्यधिक है।

बेंगलुरु, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बुधवार को जानकारी दी कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान से पहले तीन अनक्रूड (मानवरहित) मिशन भेजे जाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय ‘स्पेसक्राफ्ट मिशन ऑपरेशंस’ सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए नारायणन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अनुसार गगनयान कार्यक्रम पर काम जारी है।

उन्होंने कहा, “मानवरहित मिशन से पहले तीन अनक्रूड मिशन निर्धारित हैं। वर्तमान में हम पहले मानवरहित मिशन पर कार्य कर रहे हैं और सभी गतिविधियां सही ढंग से चल रही हैं।” इसके अलावा, उन्होंने कहा कि मिशनों की समय-सीमा और अन्य जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी।

इसरो के प्रमुख ने मिशन ऑपरेशंस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह किसी भी अंतरिक्ष मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि लॉन्च व्हीकल केवल 20-25 मिनट तक क्रियाशील रहता है, जबकि मिशन ऑपरेशन लंबे समय तक जारी रहता है। उदाहरण के लिए, 15 साल तक कार्य करने वाले संचार उपग्रहों के लिए लगातार संचालन आवश्यक होता है।

नारायणन ने मार्स ऑर्बिटर मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मिशन में लगभग 300 दिनों तक ऑपरेशन का संचालन किया गया था, इसके बाद ही यह सफल हो सका।

उन्होंने मानव अंतरिक्ष मिशन की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि यह भारत के लिए पहली बार होने जा रहा है, इसलिए नई तकनीकों और प्रणालियों का विकास आवश्यक होगा। इसमें लॉन्च व्हीकल की मानव रेटिंग, क्रू एस्केप सिस्टम, पर्यावरण नियंत्रण और सुरक्षा प्रणाली के साथ इंसान, मशीन और सॉफ्टवेयर के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना शामिल है।

सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए नारायणन ने बताया कि इस कार्यक्रम में मिशन ऑपरेशंस और नई तकनीकों पर व्यापक चर्चा होगी। लगभग 400 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, जो छात्रों, स्टार्टअप कंपनियों और इस क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियरों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

नई तकनीकों के विकास को दर्शाती है। इसरो की यह पहल न केवल भारत की वैज्ञानिक क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण में देश की स्थिति को भी मजबूत करेगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गगनयान मिशन कब शुरू होगा?
गगनयान मिशन से पहले तीन मानवरहित मिशनों की योजना बनाई गई है। इनकी समय-सीमा जल्द ही साझा की जाएगी।
मानवरहित मिशन का महत्व क्या है?
मानवरहित मिशन, मानव मिशन से पहले आवश्यक परीक्षण और तकनीकी विकास को सुनिश्चित करते हैं।
इसरो का अगला बड़ा मिशन कौन सा है?
इसरो का अगला बड़ा मिशन गगनयान है, जो भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन होगा।
गगनयान मिशन के लिए क्या तैयारी की जा रही है?
गगनयान के लिए नई तकनीकों और प्रणालियों का विकास किया जा रहा है, जिसमें मानव रेटिंग और सुरक्षा प्रणाली शामिल हैं।
सम्मेलन में क्या चर्चा होगी?
सम्मेलन में मिशन ऑपरेशंस और नई तकनीकों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें करीब 400 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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