24 अगस्त 2026
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जम्मू-कश्मीर में शराब पर प्रतिबंध को लेकर विवाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक की टिप्पणी पर मुस्लिम विद्वानों की प्रतिक्रिया

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जम्मू-कश्मीर में शराब पर प्रतिबंध को लेकर विवाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक की टिप्पणी पर मुस्लिम विद्वानों की प्रतिक्रिया

सारांश

जम्मू-कश्मीर के एक विधायक के शराब बिक्री पर दिए गए विवादास्पद बयान ने इस्लामी विद्वानों को नाराज कर दिया है। इस मुद्दे पर गंभीर सामाजिक परिणामों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है। जानिए इस विवाद के संदर्भ में क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक के बयान पर विवाद खड़ा हुआ है।
इस्लामी विद्वानों ने विधायक की आलोचना की है।
शराब के सेवन के सामाजिक परिणामों की अनदेखी की गई है।
आर्थिक लाभों को नैतिकता के ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई गई है।

श्रीनगर, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इस्लामी विद्वानों और धर्मगुरुओं के एक समूह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के एक विधायक की तीखी आलोचना की। यह आलोचना केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विधायक के बयान को लेकर की गई।

मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) के प्रवक्ता मीरवाइज उमर फारूक ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक और रिटायर्ड जस्टिस हसनेन मसूदी के एक गैर-जिम्मेदाराना बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। विधायक ने अपने बयान में केंद्र शासित प्रदेश में शराब की बिक्री को राजस्व लाभ के आधार पर सही ठहराया।

प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं, खासकर जब इस्लाम में नशीली चीजों पर स्पष्ट प्रतिबंध है। यह इस्लाम के मूल्यों और मान्यताओं के विपरीत है। यह बयान शराब के सेवन से परिवारों और समाज पर पड़ने वाले गंभीर सामाजिक परिणामों को भी अनदेखा करता है, जिनमें घरेलू कलह, आर्थिक समस्याएं और नैतिक पतन शामिल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि एक राजनीतिक दल द्वारा इस तरह का तर्क देना बेहद निराशाजनक और चिंताजनक है।

एमएमयू ने जोर देकर कहा कि आर्थिक लाभों को नैतिक, सामाजिक और मानव कल्याण के ऊपर नहीं रखा जा सकता। शराब को राजस्व के आधार पर सही ठहराना शासन के प्रति एक चिंताजनक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

इस संगठन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। साथ ही, समाज के व्यापक हित और यूटी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने और इसकी तस्करी में शामिल व्यक्तियों को कड़ी सजा देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक निजी सदस्य द्वारा पेश किए गए उस बिल पर बहस होने की संभावना है, जिसमें यूटी में शराब की बिक्री और खरीद पर रोक लगाने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में शराब की बिक्री और खरीद देश में ब्रिटिश शासन के समय से ही कानूनी थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधायक के बयान पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
इस समय नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधायक के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जम्मू-कश्मीर में शराब की बिक्री की कानूनी स्थिति क्या है?
जम्मू-कश्मीर में शराब की बिक्री और खरीद ब्रिटिश शासन के समय से कानूनी रही है।
इस विवाद का सामाजिक प्रभाव क्या हो सकता है?
इस विवाद के सामाजिक प्रभाव गंभीर हो सकते हैं, जैसे कि परिवारों में कलह और आर्थिक तंगी।
इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
इस मामले में समाज के हित में शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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