क्या जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी से सड़कें बंद हो गई हैं और श्रीनगर एयरपोर्ट चालू करने में बीआरओ जुटा है?
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश ने परिवहन को बाधित कर दिया है।
- बीआरओ एयरपोर्ट को चालू करने के लिए बर्फ हटाने का कार्य कर रहा है।
- 60 प्रतिशत बिजली सप्लाई बहाल हो चुकी है।
- आने वाले दिनों में और बर्फबारी की संभावना है।
- बर्फबारी ने सूखे के दौर को खत्म किया है।
श्रीनगर, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर में जबरदस्त बर्फबारी और बारिश हुई। शुक्रवार को हवाई और सड़क परिवहन में काफी बाधाएँ आईं। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने शनिवार सुबह जानकारी दी कि उनकी टीम और मशीनरी बर्फ हटाने में जुटी हैं ताकि श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज चालू किया जा सके।
शुक्रवार को एयरपोर्ट पर कोई उड़ान संचालन नहीं हो सका और श्रीनगर-जम्मू हाईवे भी बंद रहा। इसके अतिरिक्त, श्रीनगर-लेह हाईवे और मुगल रोड पर भी यातायात ठप रहा, और इन हाईवे पर यातायात फिर से शुरू करने के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
बर्फबारी और बारिश के कारण तेज हवाओं ने बिजली सप्लाई को प्रभावित किया, लेकिन बिजली निगम के ग्राउंड स्टाफ और इंजीनियरों ने रातभर काम करके शुक्रवार शाम तक 60 प्रतिशत से अधिक सप्लाई बहाल कर दी।
मौसम विभाग ने बताया कि जिस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बारिश हुई, वह अब जम्मू-कश्मीर से बाहर जा चुका है। पिछले 24 घंटों में जम्मू डिवीजन के बटोटे में 116.8 मिमी बारिश हुई, जबकि गुलमर्ग में 50.8 सेमी, कोकरनाग में 47, पहलगाम में 46 और काजीगुंड में 10 सेमी बर्फ की मोटी परत देखी गई।
शनिवार को श्रीनगर का न्यूनतम तापमान माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 12 और पहलगाम में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू शहर में 4.5, कटरा में 2, बटोटे में माइनस 3.8 और बनिहाल में माइनस 4.4 न्यूनतम तापमान रहा।
मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि बर्फ से ढके पहाड़ों से घाटी में आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है। शुक्रवार को हुई बर्फबारी जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए राहत की खबर रही है, क्योंकि इससे सूखे का दौर खत्म हुआ है और गर्मियों में जलाशयों के लिए बर्फ जमा हुई है।
मौसम विभाग ने 26 जनवरी से 28 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर में एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की संभावना जताई है, जिससे और बारिश और बर्फबारी होने की आशंका है।
--आईएएनएल
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