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क्या जम्मू-कश्मीर में सरकारी फंड के गबन और अवैध नियुक्ति मामले में 108 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई?

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क्या जम्मू-कश्मीर में सरकारी फंड के गबन और अवैध नियुक्ति मामले में 108 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई?

सारांश

जम्मू-कश्मीर में 108 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। क्या यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है? जानिए इस बड़े स्कैंडल के बारे में और इसकी गहराई को।

मुख्य बातें

सरकारी फंड का गबन और अवैध नियुक्तियों का मामला गंभीर है।
मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद मलिक है।
जांच में कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
चार्जशीट स्पेशल जज के समक्ष प्रस्तुत की गई है।
सरकार ने मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।

श्रीनगर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। श्रीनगर में क्राइम ब्रांच के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने सरकारी फंड के गबन और अवैध नियुक्तियों से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में 108 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

आरोपियों में 15 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, 6 असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर, 1 अकाउंट्स असिस्टेंट, 6 हेड असिस्टेंट, 4 सीनियर असिस्टेंट और अन्य कर्मचारी शामिल हैं, जो इलेक्ट्रिक डिवीजन सुंबल में तैनात थे। मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद मलिक, जो बांदीपोरा का निवासी है, इस रैकेट का प्रमुख है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर बैंक, ब्रांच सुंबल सोनावारी के 25 अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा 46 फर्जी कर्मचारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिन्हें अवैध रूप से नियुक्त किया गया था। इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब विश्वसनीय जानकारी मिली कि ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर ने अन्य अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी खातों से करोड़ों रुपये निकाले और फर्जी नियुक्तियों में सहायता की।

अधिकारियों ने बताया कि जांच में मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद मलिक से करोड़ों रुपये बरामद किए गए हैं, जो सरकारी खजाने में जमा कर दिए गए हैं। इसके अलावा मलिक के विभिन्न बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर होने का भी पता चला है, जिसमें बचत खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और जमा ब्याज शामिल हैं। जांच के दौरान सभी आरोपियों की पहचान धीरे-धीरे होती गई। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन लोगों के संपर्क में और कौन-कौन अधिकारी हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यह मामला विश्वसनीय जानकारी मिलने के बाद दर्ज किया गया था कि ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर ने विभाग के अन्य अधिकारियों और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी खातों से करोड़ों रुपये धोखाधड़ी से निकाले और फर्जी नियुक्तियों में मदद की। जांच में बड़े पैमाने पर अपराधों का पता चला, जिसमें सरकारी फंड का दुरुपयोग शामिल है।

सरकार ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है और अब मामले में न्यायिक फैसले के लिए चार्जशीट सक्षम अदालत में प्रस्तुत कर दी गई है। यह चार्जशीट स्पेशल जज, एंटी-करप्शन, बारामूला की अदालत में दायर की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकारी धन का दुरुपयोग और अवैध नियुक्तियां ऐसे मुद्दे हैं जो हमारे लोकतंत्र की नींव को हिला सकते हैं। हमें इस मामले की गहराई में जाकर सच्चाई का सामना करना होगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या चार्जशीट में किन-किन आरोपियों के नाम शामिल हैं?
चार्जशीट में 15 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, 6 असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर, 1 अकाउंट्स असिस्टेंट, 6 हेड असिस्टेंट, 4 सीनियर असिस्टेंट और कई अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
इस मामले की जांच कैसे शुरू हुई?
यह मामला विश्वसनीय जानकारी मिलने के बाद दर्ज किया गया कि ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर ने करोड़ों रुपये धोखाधड़ी से निकाले।
क्या आरोपी अब न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगे?
हां, सरकार ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
क्या इस मामले में और जांच की जा रही है?
जी हां, जांच जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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