जमशेदपुर: मरीन ड्राइव एनकाउंटर में बिंदल मॉल फायरिंग के दो आरोपी घायल, पैर में लगी गोली
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में मरीन ड्राइव के जंगली इलाके में 7 अक्टूबर 2026 की देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में बिंदल मॉल फायरिंग कांड के दो आरोपी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, हथियार बरामदगी के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के बयान के अनुसार, घायल आरोपियों की पहचान मोहन यादव और अजीत मंडल के रूप में हुई है। दोनों को 26 सितंबर को बिंदल मॉल स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग की घटना के सिलसिले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। पूछताछ के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम मंगलवार रात दोनों को हथियार बरामद कराने के उद्देश्य से मरीन ड्राइव इलाके में ले गई थी।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान दोनों आरोपियों ने अचानक पुलिस दल पर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। पुलिस के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों से करीब तीन-तीन राउंड गोलियाँ चलीं। फायरिंग में अजीत मंडल के बाएँ पैर और मोहन यादव के दाएँ पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेते हुए अस्पताल पहुँचाया।
बिंदल मॉल फायरिंग कांड: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 26 सितंबर को दोपहर करीब 1.30 बजे बिंदल मॉल स्थित एक रेस्टोरेंट में डोमिनिक सैमसन अपने परिचित रिजवान और दिलशान उर्फ दानिश के साथ नाश्ता कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, उसी दौरान बाइक से पहुँचे तीन बदमाशों ने वहाँ करीब 12 राउंड फायरिंग की थी।
उस घटना में डोमिनिक सैमसन, रिजवान, दिलशान और कृष्णा चौधरी घायल हुए थे। घटना के बाद मॉल और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और सभी घायलों को टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह घटना जमशेदपुर में सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम हथियारों के उपयोग की गंभीर घटनाओं की श्रृंखला में नवीनतम थी।
जाँच की स्थिति
पुलिस अब मुठभेड़ के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी और मूल फायरिंग कांड में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की जाँच कर रही है। मरीन ड्राइव के जंगली इलाके में सर्च अभियान भी जारी है। पुलिस के बयान के अनुसार, इस मामले में अभी और आरोपियों की गिरफ्तारी संभव है।
यह ऐसे समय में आया है जब जमशेदपुर में संगठित अपराध और हथियारों की तस्करी को लेकर स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। बिंदल मॉल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में खुलेआम फायरिंग की घटना ने नागरिकों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा की हैं।