कच्चे घरों से पक्के आवास की ओर: बैगा जनजाति के लिए जनमन योजना का चमत्कार

Click to start listening
कच्चे घरों से पक्के आवास की ओर: बैगा जनजाति के लिए जनमन योजना का चमत्कार

सारांश

मध्‍य प्रदेश के शहडोल में पीएम जनमन आवास योजना ने बैगा जनजाति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। कच्चे घरों के स्थान पर अब पक्के मकान बने हैं, जो सुरक्षा और स्थिरता प्रदान कर रहे हैं।

Key Takeaways

  • पीएम जनमन आवास योजना ने बैगा जनजाति के जीवन को बदलने का कार्य किया है।
  • कच्चे घरों के स्थान पर पक्के आवास का निर्माण हो रहा है।
  • लाभार्थियों को दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है।
  • इस योजना से 2086 लाभार्थियों को जोड़ा गया है।
  • जनजातीय परिवारों को अब स्थिरता और सुरक्षा मिल रही है।

शहडोल, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम जनमन आवास योजना ने मध्‍य प्रदेश के शहडोल जिले में बैगा, सहरिया और भरिया जैसी पिछड़ी जनजातियों के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने का कार्य किया है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों को सुरक्षित और पक्के आवास प्रदान करना है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। इस योजना के प्रभाव से अब इन जनजातीय परिवारों के पुराने कच्चे घरों की जगह मजबूत और सुविधाजनक पक्के मकान ले चुके हैं, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा आई है।

जिले के बुढार क्षेत्र के ग्राम पकरिया में इस योजना का नज़ारा स्पष्ट है; यहाँ बैगा जनजाति के परिवारों ने अपने जीवन में बड़ा बदलाव देखा है। पहले जहाँ ये परिवार कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर थे और हर बरसात में परेशानियों का सामना करते थे, वहीं अब पक्के घर मिलने से उन्हें राहत मिली है। अब ये परिवार बारिश, गर्मी और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों से सुरक्षित हैं और उनका दैनिक जीवन पहले की तुलना में अधिक सहज हो गया है।

योजना के लाभार्थी गौकरण बैगा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए बताया कि उन्हें इस योजना के तहत दो लाख रुपए की सहायता मिली, जिससे उन्होंने अपना पक्का घर बनाया। उन्होंने कहा कि पहले उनके कच्चे मकान में कीड़े-मकोड़ों की समस्याएं रहती थीं, लेकिन अब पक्का मकान मिलने से उन्हें इन सभी परेशानियों से मुक्ति मिल गई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इसी तरह विश्वनाथ बैगा ने कहा कि पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन ग्राम पंचायत के माध्यम से योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया और आवश्यक दस्तावेजों के बाद उन्हें योजना का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि उन्हें 20 हजार रुपए मजदूरी के रूप में भी प्राप्त हुए, जिससे उन्हें अतिरिक्त सहारा मिला। उनकी बेटी लक्ष्मी बैगा ने कहा कि पहले कच्चे घर में बारिश के दौरान पानी टपकने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती थी, लेकिन अब पक्का घर मिलने के बाद वह बेहतर माहौल में पढ़ाई कर पा रही हैं।

लाभार्थी चंद्रिका बैगा ने बताया कि पंचायत सचिव से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने योजना का लाभ लिया और पक्का मकान बनवाया। उनकी पत्नी अर्चना बैगा ने कहा कि पहले कच्चे मकान में दैनिक कार्यों में काफी कठिनाई होती थी, लेकिन अब उन्हें बड़ी राहत मिली है।

वहीं, तेजबली बैगा ने बताया कि बरसात के समय कच्चे घर में रहना बेहद मुश्किल था, लेकिन अब पक्का मकान बनने से उनकी जिंदगी काफी आसान हो गई है।

इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पंचायत बुढार के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर दीपक पटेल ने बताया कि यह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि बुढार क्षेत्र में अब तक 2086 लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा गया है, जिनमें से 1752 परिवार अपने पक्के घरों में रह रहे हैं, जबकि शेष के मकान निर्माणाधीन हैं और जल्द ही पूर्ण हो जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को चार किस्तों में कुल दो लाख रुपए की सहायता दी जाती है।

Point of View

बल्कि उनके जीवन स्तर को भी सुधार रही है।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

जनमन आवास योजना क्या है?
यह योजना विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों को सुरक्षित और पक्के आवास प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।
इस योजना से कौन-कौन से लाभार्थी जुड़े हैं?
इस योजना से बैगा, सहरिया और भरिया जैसी पिछड़ी जनजातियों के परिवार जुड़े हैं।
लाभार्थियों को कितनी सहायता मिलती है?
प्रत्येक लाभार्थी को चार किस्तों में कुल दो लाख रुपए की सहायता दी जाती है।
इस योजना का प्रभाव क्या है?
इस योजना ने जनजातीय परिवारों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा लाने का कार्य किया है।
कहाँ पर इस योजना का कार्यान्वयन हो रहा है?
यह योजना मध्‍य प्रदेश के शहडोल जिले में कार्यान्वित हो रही है।
Nation Press