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क्या जसीर बिलाल वानी को एनआईए हिरासत में वकील से मिलने की अनुमति मिली?

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क्या जसीर बिलाल वानी को एनआईए हिरासत में वकील से मिलने की अनुमति मिली?

सारांश

पटियाला हाउस कोर्ट ने जसीर बिलाल वानी को एनआईए हिरासत में वकील से मिलने की अनुमति दी है। अब वह हर दूसरे दिन शाम 5 से 6 बजे 20 मिनट के लिए अपने वकील से मिल सकेगा। यह निर्णय महत्वपूर्ण है क्योंकि वानी पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

मुख्य बातें

जसीर बिलाल वानी को एनआईए हिरासत में वकील से मिलने की अनुमति दी गई है।
कोर्ट ने हर दूसरे दिन मिलन का समय निर्धारित किया है।
वानी पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
दिल्ली ब्लास्ट में 13 लोगों की मृत्यु हुई थी।
एनआईए इस मामले की जांच में जुटी हुई है।

नई दिल्ली, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किले के बाहर हुए ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार आतंकवादी जसीर बिलाल वानी को राहत दी है। कोर्ट ने जसीर को राहत देते हुए एनआईए हिरासत के दौरान वकील से मुलाकात की इजाजत दे दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, जसीर वानी अपने वकील से हर दूसरे दिन शाम 5 से 6 बजे के बीच 20 मिनट तक मुलाकात कर सकेगा।

जसीर बिलाल वानी ने एनआईए मुख्यालय में हिरासत के दौरान अपने वकील से मिलने की अनुमति मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। अब वह हर दूसरे दिन अपने वकील से 20 मिनट के लिए मुलाकात कर सकता है। कोर्ट ने इसके लिए समय भी निर्धारित किया है, जो शाम 5 से 6 बजे के बीच होगा।

वहीं, एनआईए का कहना है कि जसीर वानी आतंकवादी उमर-उन-नबी का सक्रिय सहयोगी है और कश्मीर के काजीगुंड, अनंतनाग का निवासी है। उसे 17 नवंबर को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी के अनुसार, जसीर पर ड्रोन को मॉडिफाई कर आतंकियों को तकनीकी मदद देने का आरोप है।

पटियाला हाउस कोर्ट ने 18 नवंबर को जसीर बिलाल वानी को 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया था। दिल्ली ब्लास्ट के सिलसिले में उसकी कोर्ट में पेशी हुई थी। बता दें कि दिल्ली में हुए ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हो गई थी।

जानकारी के अनुसार, जसीर बिलाल वानी जानलेवा कार बम ब्लास्ट से पहले ड्रोन को मॉडिफाई करने और रॉकेट बनाने की कोशिश में भी शामिल था। एनआईए बम धमाके के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए कई एंगल से जांच में जुटी हुई है।

चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आई कि 200 बम तैयार करने की तैयारी चल रही थी और बम को दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में एक साथ फोड़ने की योजना बनाई गई थी। दिल्ली ब्लास्ट से पहले जांच कर रही टीम को बड़े पैमाने पर विस्फोटक बरामद हुए थे। इसकी जांच फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी तक पहुंची। यहां से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और इसी बीच 10 नवंबर को दिल्ली में कार ब्लास्ट की घटना हुई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसकी गतिविधियों पर नजर रखना भी अत्यंत आवश्यक है। यह मामला न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा, बल्कि हमारे न्यायिक प्रणाली की कार्यप्रणाली की भी परीक्षा है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जसीर बिलाल वानी को कब गिरफ्तार किया गया था?
जसीर बिलाल वानी को 17 नवंबर को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था।
उसे वकील से मिलने की अनुमति किसने दी?
पटियाला हाउस कोर्ट ने जसीर बिलाल वानी को वकील से मिलने की अनुमति दी है।
जसीर वानी पर क्या आरोप हैं?
जसीर वानी पर आतंकवादियों को तकनीकी मदद देने और ड्रोन को मॉडिफाई करने का आरोप है।
दिल्ली में हुए ब्लास्ट में कितने लोग मारे गए?
दिल्ली में हुए ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी।
एनआईए क्या कर रही है?
एनआईए इस मामले की गहन जांच कर रही है और बम धमाके के पीछे की साजिश का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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