क्या जदयू ने तेजस्वी को 'लोकल राजनीति कलाकार' और राहुल को 'चुनावी टूरिस्ट' बताया?

सारांश
Key Takeaways
- जदयू का कटाक्ष चुनावी माहौल को गर्म कर रहा है।
- तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की यात्रा महत्वपूर्ण है।
- जदयू ने राजनीतिक बयानबाज़ी की है।
- मतदाता अधिकार यात्रा के तहत जागरूकता फैलाने का प्रयास।
- बिहार की राजनीति में बदलाव की संभावना।
पटना, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव वर्तमान में 'मतदाता अधिकार यात्रा' पर हैं। यात्रा के आठवें दिन रविवार को दोनों नेताओं ने बुलेट की सवारी की। इस दौरान, बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू ने तीखा कटाक्ष किया है।
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने राजद नेता तेजस्वी यादव को लोकल राजनीति कलाकार और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को चुनावी टूरिस्ट बताते हुए कहा कि सीमांचल के पूर्णिया में जिस सड़क पर तेज़ रफ़्तार बाइक चल रही है, वो सड़कें नीतीश कुमार और एनडीए के कार्यकाल में बनी हैं, इसका एहसास उन्हें हो गया होगा।
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी की बाइक पर पीछे बिना हेलमेट के बैठे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को शायद ट्रैफिक कानून की जानकारी नहीं है। इनके घूमने से कुछ होने वाला नहीं है। जनता जानती है कि सड़क एनडीए ने बनाई, बिजली एनडीए ने पहुंचाई, राहुल गांधी तो लूटने वालों के साथ खड़े हैं।
उन्होंने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस भी गर्दन में लटका लेना चाहिए था, ताकि नई पीढ़ी भी जान सके।
वास्तव में, बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ महागठबंधन की 'मतदाता अधिकार यात्रा' २४ अगस्त यानी रविवार को पूर्णिया के कटिहार मोड़ से शुरू हुई। रविवार को यात्रा का आठवां दिन है। 'मतदाता अधिकार यात्रा' का नेतृत्व कर रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने यात्रा के क्रम में बुलेट चलाई।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ उनकी बुलेट के पीछे बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम बैठे हुए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता बाइक पर सवार होकर उनके साथ चल रहे थे। राजेश राम ने हेलमेट भी नहीं लगाया था।