क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से संवाद में कहा, आपके उच्च शिक्षा के सपने में पैसे की कमी को बाधा नहीं बनने देंगे?
सारांश
Key Takeaways
- गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा को आत्मनिर्भरता का माध्यम बताया।
- छात्रों के अनुभव इस योजना की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
- राज्य सरकार शिक्षा योजनाओं की जानकारी को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
- झारखंड के विकास में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
रांची, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड आंदोलन के महानायक ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की जयंती पर रविवार को रांची के खेलगांव में स्थित टाना भगत स्टेडियम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 10वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्रों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों, चुनौतियों और राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत योजनाओं के बारे में गहराई से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को बताया कि शिबू सोरेन के नाम पर चल रही गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना उनके उच्च शिक्षा के सपनों को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम में रांची जिले से लगभग 4000, खूंटी से 500 और रामगढ़ से 500 छात्र शामिल हुए। उन्होंने कुछ चुने हुए विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड प्रदान किया।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लाभार्थी छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। छात्रों ने कहा कि यह योजना गरीब और आदिवासी बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के तहत मिलने वाले आर्थिक सहायता से पढ़ाई का खर्च उठाना सरल हो गया है, जो उनके परिवार पर बोझ कम करता है और वे अपने भविष्य के प्रति अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।
छात्रों ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिससे यह झारखंड के छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययन कर रहे शोधार्थियों ने मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के बारे में भी बताया, जो उनके लिए बहुत उपयोगी है।
पीएचडी कर रहे छात्रों ने इसे समयानुकूल और प्रभावी योजना मानते हुए कहा कि फेलोशिप मिलने से आर्थिक चिंताएं कम हुई हैं और वे पूरी एकाग्रता से गुणवत्तापूर्ण शोध कर पा रहे हैं। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से कई प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर उन्होंने सरल शब्दों में दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिक्षा योजनाओं की जानकारी स्कूलों और कॉलेजों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, संकल्प और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने जिस झारखंड की कल्पना की थी, उसे साकार करने में युवाओं और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि एक समय झारखंड को पिछड़ा राज्य कहा जाता था, लेकिन आज यह विकास की सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें और राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।