क्या झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन हुआ? एक करोड़ के इनामी सहित 15 नक्सली ढेर!

Click to start listening
क्या झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन हुआ? एक करोड़ के इनामी सहित 15 नक्सली ढेर!

सारांश

झारखंड में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा सहित 15 नक्सलियों को ढेर किया है। यह ऑपरेशन सारंडा जंगल में किया गया और इसमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। यह घटना नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।

Key Takeaways

  • सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक प्रमुख ऑपरेशन चलाया।
  • एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा मारा गया।
  • मुठभेड़ में कुल 15 नक्सली ढेर हुए, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं।
  • यह ऑपरेशन झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
  • झारखंड पुलिस ने बचाव में बचे नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की है।

चाईबासा/रांची, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में गुरुवार को सुरक्षाबलों को अब तक की सबसे बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत कुल 15 नक्सली मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि मारे गए अन्य नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इनमें से कई पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए द्वारा लाखों रुपए के इनाम घोषित थे और इन सभी के खिलाफ गंभीर नक्सली मामलों के दर्जनों केस दर्ज थे। ये सभी नक्सली केंद्रीय कमेटी सदस्य (सीसीएम) अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते के साथ झारखंड के कोल्हान इलाके में लंबे समय से सक्रिय थे।

अनल दा पर झारखंड में एक करोड़ रुपए और ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा, एनआईए ने उस पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। उसके खिलाफ कुल 149 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र का रहने वाला था और बीते दो दशकों से नक्सली संगठन का शीर्ष रणनीतिकार माना जाता था। वर्ष 2022 से अब तक चाईबासा के कोल्हान और सारंडा जंगली क्षेत्र में हुए आईईडी विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते की प्रमुख भूमिका रही है।

आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि किरीबुरू थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंडा के घने जंगलों में गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे से ‘ऑपरेशन मेधा बुरु’ के तहत 209 कोबरा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने अभियान शुरू किया। इस दौरान अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ते ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की। कई चरणों में चली मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से 15 नक्सलियों के शव, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई।

सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने कहा कि अनल के खात्मे से ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में भी नक्सली गतिविधियों पर निर्णायक असर पड़ेगा। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस मुठभेड़ के बाद झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर अब 50 से 60 के बीच रह जाने का अनुमान है। झारखंड पुलिस ने शेष बचे नक्सलियों से अपील की है कि वे समय रहते आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। फिलहाल पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

Point of View

तब तक हमें पूरी सफलता प्राप्त नहीं होगी।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

कौन-कौन से नक्सली इस ऑपरेशन में मारे गए?
इस ऑपरेशन में 15 नक्सली मारे गए, जिनमें एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा शामिल हैं।
इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों की गतिविधियों को रोकना और उन्हें पकड़ना था।
क्या इस ऑपरेशन से झारखंड में नक्सलियों की संख्या में कमी आएगी?
हां, इस ऑपरेशन के बाद झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर 50 से 60 के बीच रह जाने का अनुमान है।
Nation Press