क्या 'जी राम जी' के जरिए देश के मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश है? : अविनाश पांडे
सारांश
Key Takeaways
- मनरेगा का नाम बदलना एक साजिश है।
- कांग्रेस ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया है।
- आगामी चुनावों में एसआईआर और बेरोजगारी महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे।
- भाजपा पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप।
- राज्य में अपराध और डर का माहौल बढ़ रहा है।
लखनऊ, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अविनाश पांडे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा को समाप्त कर दिया गया है। इसे एक नया नाम दिया गया है और जिस प्रकार इसे बदला गया है, वह देश के मजदूरों को गुलाम बनाने की योजना का हिस्सा है।
लखनऊ में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता ने पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें मौजूदा मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें मनरेगा और एसआईआर से संबंधित मुद्दे भी शामिल थे। हम संसद में भी इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। एसआईआर और मनरेगा को लेकर पूरे देश में असंतोष बढ़ रहा है। मनरेगा ने ग्रामीण मजदूरों को रोजगार का अधिकार दिया था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया था। लेकिन अब, एक साजिश के तहत, मनरेगा को समाप्त करने और नाम बदलने की कोशिश की जा रही है, जिससे मजदूरों को गुलामी की स्थिति में लाने का प्रयास हो रहा है। इसके जवाब में, एक गम्भीर चर्चा हुई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में, उत्तर प्रदेश में 45 दिन का कार्यक्रम बनाया गया है। इसके अलावा अगले 100 दिनों के लिए भी कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिसमें कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता एसआईआर, बेरोजगारी, और महंगाई के मुद्दे पर आम जनता के बीच जाएंगे।
पश्चिम बंगाल में आईपैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के बारे में कांग्रेस नेता तनुज पुनिया ने कहा कि भाजपा इसी प्रकार कार्य करती है। जब भी चुनाव आते हैं, पार्टी ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का उपयोग करके विपक्षी नेताओं को निशाना बनाती है।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक थी। राज्य में एसआईआर लागू करने के तरीके में लगभग 3 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं, और 2 करोड़ 17 लाख लोग 'लापता' हैं। 'लापता' का अर्थ क्या है? मुझे लगता है कि जिस प्रकार मनरेगा को समाप्त किया गया और लोगों का काम करने का अधिकार छीना गया, उसी तरह राज्य में भी डर और अपराध का वातावरण बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि मेरठ में एक दलित महिला की हत्या कर दी गई। घर से बाहर निकल रही एक युवती को स्कॉर्पियो में खींचकर ले जाया गया और उसके साथ बलात्कार हुआ, यह कार्य एक राज्य पुलिस अधिकारी द्वारा किया गया। ये सभी मुद्दे अत्यंत चिंताजनक हैं। उन्होंने आगामी चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करने पर भी विस्तृत चर्चा की।