क्या विजय सिन्हा को एनडीए सरकार के कार्यकाल का जवाब देना चाहिए?

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क्या विजय सिन्हा को एनडीए सरकार के कार्यकाल का जवाब देना चाहिए?

सारांश

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बिहार में एनडीए सरकार के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। क्या यह सरकार अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन कर रही है?

मुख्य बातें

कन्हैया कुमार ने एनडीए सरकार के कार्यकाल की आलोचना की है।
उन्होंने रोजगार और विकास के मुद्दों पर सवाल उठाए।
बिहार विधानसभा चुनाव में जनता के निर्णय का महत्व है।
केंद्र सरकार के नए बिल पर भी चर्चा हो रही है।

लखीसराय, 21 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कन्हैया कुमार ने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के बयान पर सख्त प्रतिक्रियारोजगार सृजन, नौकरियों, सड़कों और बिजली की व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, स्कूलों और अस्पतालों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

कन्हैया कुमार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "सरकार में बैठे लोगों को यह बताना चाहिए कि उन्होंने जनता को कितना रोजगार दिया, कितनी नौकरियां उपलब्ध कराई, कितनी सड़कें बनाई, कितनी बिजली की व्यवस्था की, अपराधियों पर कितनी कार्रवाई की गई, कितने स्कूल और अस्पताल स्थापित किए। चोरी से बनी सरकार जनता के लिए ईमानदारी से काम नहीं कर सकती। इन्हें इन मुद्दों पर अपने प्रदर्शन का जवाब देना होगा।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रमुख पदों पर बैठे व्यक्तियों को अपराध के गंभीर आरोपों के बाद हटाए जाने वाला बिल लोकसभा में पेश किया। इस बिल का विपक्ष के तमाम दल विरोध कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल लोकतंत्र को "लूट तंत्र और लाठी तंत्र" में बदलने की साजिश है। उनकी सारी कोशिशें चाहे विधेयक के जरिए हों या मतदाता चोरी के जरिए, वे इस देश के लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। इसलिए मैंने कहा कि आप अमित शाह की क्रोनोलॉजी समझ लीजिए, सारा खेल खुद ही समझ आ जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का मकसद केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग से विपक्ष के नेताओं को हटाकर गैर-बीजेपी सरकारों को अस्थिर करना है। यह बिल असंवैधानिक और संघीय ढांचे के खिलाफ है। यह केंद्रीय एजेंसियों को मनमाने ढंग से विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने की क्षमता देगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली औंटा-सिमरिया पुल परियोजना के तहत गंगा नदी पर बने 1.865 किमी लंबे 6 लेन के पुल का उद्घाटन करेंगे। इस संबंध में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे पर कन्हैया कुमार ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि इस बार 'झूठ की बरसात' होगी और लोगों को छाता लेकर जाना होगा। डबल इंजन की सरकार ने जनता के साथ केवल और केवल छलावा किया है। ऐसे में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में जनता इन्हें सबक सिखाने का काम करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दिखाया है कि विपक्ष के नेता अब जनता के मुद्दों को उठाने के लिए और अधिक सक्रिय हो रहे हैं। यह समय है कि सरकार अपने कार्यों का सही मूल्यांकन करे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्हैया कुमार ने किन मुद्दों पर सवाल उठाए?
कन्हैया कुमार ने रोजगार सृजन, नौकरियों, सड़कों और बिजली की व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, स्कूलों और अस्पतालों के निर्माण जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।
क्या कन्हैया कुमार ने सरकार पर कोई आरोप लगाया?
उन्होंने सरकार को 'चोरी से बनी सरकार' बताते हुए आरोप लगाया कि यह जनता के लिए ईमानदारी से काम नहीं कर सकती।
प्रधानमंत्री मोदी का बिहार दौरा कब है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार दौरा शुक्रवार को है, जहां वे औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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