क्या 'लखपति दीदी योजना' से कन्नौज की महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर?

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क्या 'लखपति दीदी योजना' से कन्नौज की महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर?

सारांश

कन्नौज में 'लखपति दीदी योजना' ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया है। इस योजना के अंतर्गत कई महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, जो अपने परिवारों और समुदायों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

मुख्य बातें

कन्नौज में 24,089 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।
यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है।
सरकारी सहायता और प्रशिक्षण का लाभ उठाना जरूरी है।
महिलाएं विभिन्न व्यवसायों में जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए छह माह का समय बचा है।

कन्नौज, 18 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक प्रमुख योजना, 'लखपति दीदी योजना', राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कन्नौज में इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है, जिससे वे न केवल अपनी आजीविका को सुधार रही हैं, बल्कि अपने परिवार और समुदाय की समृद्धि में भी योगदान दे रही हैं।

सरकारी सहायता और प्रशिक्षण के जरिए ये महिलाएं उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना के अंतर्गत कन्नौज में पिछले दो वित्तीय वर्षों में 24,089 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनी हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कन्नौज में 28,716 महिलाओं को लखपति बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना स्वयं सहायता समूहों और बैंकों के माध्यम से कर्ज और प्रशिक्षण प्रदान कर महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं और अपने परिवार एवं समुदाय की समृद्धि में योगदान दे रही हैं।

उपायुक्त (स्वतः रोजगार) राजकुमार लोधी के अनुसार, लखपति दीदी योजना के तहत डेढ़ साल में 24,000 से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। ये महिलाएं अब स्वयं व्यापार कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ-साथ निरंतर प्रगति कर रही हैं।

उपायुक्त ने बताया कि इस योजना पर लगातार काम जारी है, और जल्द ही जिले की हजारों अन्य महिलाएं भी इस योजना के माध्यम से लखपति बनेंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को और बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि महिलाएं दूध उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान, पशुपालन आदि व्यवसायों से जुड़कर न केवल अपनी, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं।

उन्होंने बताया कि हमें जो लक्ष्य मिला है, उसे पूरा करने के लिए अभी हमारे पास छह माह का वक्त बाकी है, और टारगेट को पूरा कर लिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

'लखपति दीदी योजना' महिलाओं के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह योजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधार रही है, बल्कि पूरे समुदाय को भी लाभ पहुंचा रही है। यह एक सकारात्मक कदम है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखपति दीदी योजना क्या है?
यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करती है।
इस योजना से कितनी महिलाएं लखपति बनी हैं?
कन्नौज में इस योजना के तहत 24,089 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।
इस योजना का लक्ष्य क्या है?
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 28,716 महिलाओं को लखपति बनाना है।
महिलाएं कौन से व्यवसायों में जुड़ रही हैं?
महिलाएं दूध उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान, और पशुपालन जैसे व्यवसायों में जुड़ रही हैं।
इस योजना को लागू करने में कौन मदद कर रहा है?
सरकार के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह और बैंक भी इस योजना को लागू करने में मदद कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस